April 6, 2026

लंबित वादों का हुआ त्वरित निष्पादन, सजा के साथ दिया अर्थ दंड ।

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प्रवीण कुमार (कटिहार)

रेलवे मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को रेलवे न्यायालय में लंबित वाद संख्या 75/15 में अभियुक्त कार्तिक कुंडू को दोषी पाते हुए दो वर्ष की सश्रम कारावास की सजा के साथ 5 हजार रूपया की आर्थिक दंड की सजा सुनाते हुए वाद का निस्पादन कर दिया। वहीं आर्थिक दंड कि राशि जमा नही करने पर 2 महीने अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा दी गई। इस संबंध में रेलवे न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक रास बिहारी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताएं कि सनोली निवासी अभियुक्त कार्तिक कुंडू पर आरोप था कि वह रेल में लॉटरी का धंधा करता था। उसके पास से बारसोई स्टेशन में ट्रेन नंबर 55730 राधिकापुर पैसेंजर ट्रेन में तलाशी के दौरान 54 पीस लॉटरी टिकट बरामद हुआ था। जिसे वह सनोली में बेचने जा रहा था। जिस संबंध में अभियुक्त को दोषी पाते हुए न्यायालय द्वारा सजा दी गई। वही एक अन्य रेलवे न्यायालय में लंबित मामले सी2- 95 /15 में शुक्ला कुमार नामक अभियुक्त को रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा 2 महीने की जेल के साथ 1000 रुपये अर्थ दंड की सजा दी गई एवं अर्थ दंड की राशि नहीं अदा करने पर 10 दिन की अतिरिक्त सजा दी गई। इस संबंध में आफ के सीनियर पी पी भूपेंद्र कुमार जाटव ने जानकारी देते बताया कि आरोपी के विरुद्ध दिनांक 2 .2.2015 को लाइन नंबर 7 पर सिग्नल बॉक्स के साथ छेड़ छाड़ करने एवं सिग्नल बॉक्स को पत्थर से तोड़ देने का आरोप है। जिस कारण सिगनल फेल हो गया और रेल परिचालन बाधित हो गया था। जिसके विरुद्ध रेल आफ पोस्ट में अभियुक्त के विरुद्ध रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें मंगलवार को अभियुक्त को दोषी पाया गया। गोरतलब है कि रेलवे मजिस्ट्रेट विकास कुमार सिंह हाल में ही रेलवे मजिस्ट्रेट के रूप में योगदान दिए हैं और उनके योगदान फलस्वरुप लंबित वादों का त्वरित निष्पादन में काफी तेजी आई है। जो सराहनीय है।

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