प्राथमिक विद्यालय सिकटिया के शत प्रतिशत छात्र छात्राएं स्कूल ड्रेस में विधालय आते हैं
सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं विधालय के प्रति समर्पण का भाव रखते हैं : अम्बरीश कुमार।
प्रवीण कुमार, प्राणपुर (कटिहार)
प्राणपुर प्रखंड के सहजा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय सिकटिया के प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार ने छात्र-छात्राओं को प्रति दिन विधालय भेजने के लिए अविभावकों को प्रेरित करते हैं। प्रधानाध्यापक प्रत्येक दिन स-समय विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यालय के सफाई कर्मी के द्वारा स्वयं खड़े होकर विधालय परिसर तथा शौचालय की साफ सफाई करवाते हैं। प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार ने बताया कि विद्यालय 72 डिसमिल जमीन पर स्थित है। विधालय में 6 कमरे का भवन है। विद्यालय में कुल 179छात्र-छात्राएं नामांकित है। विधालय में कुल प्रधानाध्यापक सहित सात शिक्षक- शिक्षिकाओं पदस्थापित है।जिसमें शिक्षक मो. कमरुज्जा, विवेक कुमार, दीपक सक्सेना, कौशल्या कुमारी, रंजन कुमारी, प्रीति कुमारी, शिक्षा सेवा के जहांगीर आलम है। सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं विधालय के प्रति समर्पण का भाव रखते हैं। प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार छात्र छात्राओं की उपस्थिति बरकरार रखने के लिए स्वयं तथा शिक्षकों के साथ पोषक क्षेत्र का भ्रमण कर अविभावकों से मुलाकात कर अनियमित छात्र छात्राओं को प्रति दिन विधालय भेजने के लिए अविभावकों को प्रेरित करते हैं।जिसका परिणाम है कि इस विधालय में उपस्थिति प्रति दिन काफी अच्छा रहता है। एवं प्रधानाध्यापक प्रति दिन छात्र उपस्थित पंजी का अवलोकन भी करते हैं। और जो छात्र- छात्राएं अनुपस्थित पाए जाते हैं। उन छात्रों के घर स्वयं जा कर अविभावकों को उन अनियमित छात्रों को नियमित रूप से विधालय भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। इस विधालय के सभी शिक्षक-शिक्षिका प्रति दिन स-समय विद्यालय उपस्थित हो कर समय सारणी के अनुसार चेतना सत्र के पश्चात नियमित रूप से एफ एल एन,टीएल एम का उपयोग एवं गतिविधि आधारित पठन-पाठन का कार्य करते हैं।इस विधालय के सभी छात्र साफ सुथरे पोशाक में विद्यालय उपस्थित होते है। विधालय की व्यवस्था देखने से लगता है कि यह कोई प्राईवेट विधालय है। जहां सभी छात्र अनुशासित होकर पठन-पठान के लिए विधालय आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सिकटिया में इतनी बेहतरीन तरीके से विद्यालय का संचालन प्रधानाध्यापक कर रहे हैं।इस व्यवस्था को बनाये रखने में विधालय के प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक- शिक्षिकाओं को श्रेय जाता है। विधालय की व्यवस्था तथा पठन पाठन अनुशासन,छात्रोपस्थिति,छात्रों की शैक्षणिक विकास की चर्चा आसपास के क्षेत्र में भी खूब हो रही है। विधालय प्रधानाध्यापक एवं सभी शिक्षक- शिक्षिका विभागीय आदेश का अक्षरशः स-समय पालन करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार ने बताया कि स्टूडेंट डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम में विद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक डाटा के अलावा संपूर्ण डाटा को अपलोड किया जा चुका है। विधालय में अध्ययन रत छात्र- छात्राओं ने बताया कि हमें प्रत्येक दिन मीनू के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मध्याह्नान गुणवत्तापूर्ण भोजन कराया जाता है। प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार कहते हैं कि अगर विद्यालय में शुद्ध शीतल पेयजल हेतु आर.ओ.की व्यवस्था हो जाता तो छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा मिलता। विद्यालय परिसर में बने चाहारदीवारी के साथ-साथ मुख्य गेट का निर्माण हो जाता, तो सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर होता। क्यों कि विधालय के बीचोंबीच मुख्य सड़क गुजरती है।विद्यालय परिसर में मिटटी भराई कर ईट सोलिंग हो जाता, तो जल जमाव की समस्या से निजात मिल जाता। विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष,सचिव, शिक्षा प्रेमी ने भी विद्यालय व्यवस्था से काफी खुश है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा शिक्षक- शिक्षिकाओं के कार्य कुशलता एवं शिक्षण व्यवस्था पहले के अपेक्षा काफी बेहतर हुआ है।
