October 6, 2026

प्राथमिक विद्यालय निंगेल के छात्र-छात्राओं का पढ़ाई पर प्रधानाध्यापिका रखते हैं ध्यान

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प्रवीण कुमार(कटिहार)

कदवा प्रखंड अंतर्गत के जाजा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय निंगेल के छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। छात्र- छात्राओं अनुशासित ढंग में रहकर पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन में रुचि बढ़ती जा रही हैं। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रहते हैं। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करते हैं। प्राथमिक विद्यालय निंगेल में वर्ग एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। प्रधानाध्यापिका कुशल व्यवहार की हैं। विद्यालय में वर्तमान में नामांकित 96 छात्र-छात्राएँ अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय में समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि लेते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापिका से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापिका को काफी सहयोग कर रहे हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित होकर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य करते है। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने कहा कि विद्यालय में ई-शिक्षा पोर्टल पर शत प्रतिशत छात्र- छात्राओं का नाम अरुण कुमार साह अपलोड किया गया है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षक सुनील कुमार, किरण कुमारी, आभा कुमारी पठन-पाठन का कार्य में बेहतरीन ठंग से करते हैं। विधालय कार्यालय में प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने शिक्षकों का संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका ने किया।विद्यालय के गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने कहा कि समय बदल चुका है। समय के अनुसार विद्यालय आना है और समय के अनुसार सभी वर्ग में नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य सुनिश्चित करें।शिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य होता है कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में अनुशासन के साथ-साथ पठन-पाठन करने में ईमानदारी पूर्वक अभिरुचि रखें। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि 2007 में शिक्षक के रूप में विद्यालय में योगदान की हूं। उसे समय से लेकर 2021 तक निंगेल गांव में एक झोपड़ी का निर्माण कर विद्यालय का संचालन करती आ रही हूं। 2020 में प्रभारी प्रधानाध्यापक बनी हूं।2021 में विभाग के द्वारा प्राथमिक विद्यालय निंगेल को शिफ्टेड उत्क्रमित मध्य विद्यालय मल्लिकपुर कर दिया गया है। क्योंकि विद्यालय को अपना भूमि एवं भवन नहीं है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय मल्लिकपुर जाजा में 2021 से दो कमरे में विद्यालय का संचालन किया जा रही हूं। विद्यालय में 3 शौचालय है। छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल के लिए चापाकल दो लगाया गया है। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि विधालय के सभी छात्र – छात्राओं को पाठ्य पुस्तक वितरण कर दिया गया है। वर्ग 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं के बीच बैग,पीने का पानी का बोतल एवं एफ.एल.एन कीट का वितरण भी किया गया। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि विद्यालय में हर वर्ग कक्ष का ब्लैक बोर्ड का काली करण की है। प्रधानाध्यापिका के द्वारा साफ सफाई का पूरा ध्यान रखती हूं।शौचालय की नियमित रुप से साफ-सफायी किया जा रहा है।बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। विभागीय निदेशानुसार 8 अप्रैल 2024 को विद्यालय परिसर में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। दीक्षांत समारोह में विधालय के छात्र-छात्राओं को प्रगति पत्रक से पुरस्कृत किया गया। जिससे छात्र छात्राओं काफी खुश दिखे। इसका विधालय में सकारात्मक प्रभाव पड़ा और बच्चों के उपस्थिति में बढ़ोतरी हुई। इससे अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय भेजने में अभिरुचि बढी। छात्र-छात्राओं को प्रति कार्य दिवस में मीनू के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना का लाभ दिया जाता है। विद्यालय में प्रत्येक शनिवार को सुरक्षित शनिवार के कैलेंडर के अनुसार तरह तरह के खतरे जैसे सड़क दुघर्टना, भूकंप,आपदा, बीमारी, ठंड से बचाव,लूं से बचाव आदि गति विधि कर बताया जाता है। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने बताया कि विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने में दिन-रात जुटा। जिसका परिणाम अल्प अवधि में विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के दिशा में कार्य किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विद्यालय के छात्राओं को शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में विद्यालय आने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया। परिणाम हुआ कि विद्यालय के छात्राएं अनुशासित ढंग से पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय के बच्चे ड्रेस में आते हैं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विधालय में टेबुल, कुर्सी, अलमीरा, स्पीकर सेट,बक्सा, दरी की व्यवस्था किया हैं। विद्यालय में विद्युत वायरिंग कर लाइट एवं पंखा है। रंग-रंगोन किया गया है। प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी बताते हैं कि विद्यालय को अपना भूमि के साथ-साथ भवन का निर्माण हो जाता तो छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में काफी सुविधा होती विद्यालय के छात्राओं को बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बैंच डैक्स की व्यवस्था, खेल सामग्री की व्यवस्था हो जाने से छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा प्राप्त हो जाता।

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