आशा संयुक्त संघर्ष मंच का आह्वान 17 फरवरी से आशा कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल 23 से 24 फरवरी को होगा कार्य बन्दी प्रदर्शन
बारसोई अनुमंडल अस्पताल के प्रांगण में बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के बैनर तले भाकपा माले नेत्री जुही महबूबा के नेतृत्व में आशा कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए सात दिनों तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का घोषणा किया है । इस दौरान नीतीश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की गई तथा इंकलाब का नारा बुलंद किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बलरामपुर विधायक महबूब आलम भी उपस्थित थे । वहीं प्रदर्शन के दौरान नेतृत्व कर रहे जूही महबूबा ने बताया कि आगामी 17 फरवरी 2022 से अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगा तथा 23 – 24 फरवरी 2022 को कार्य बन्दी प्रदर्शन होगा। तथा आशा कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगा । उन्होंने कहा कि हड़ताल का उद्देश्य सरकार द्वारा आशा कर्मियों की उपेक्षा किए जाने को लेकर है तथा इनके प्रबंधन पदाधिकारी द्वारा कमिशन मांगे जाने के बिरोध में है । हमारी मांग है कि सरकार आशा कर्मियों को सरकारी सेवक का दर्जा दे तथा न्यूनतम 21 हजार रुपए वैधानिक वेतन, प्रोत्साहन – पारितोषिक राशि भुगतान में एकरूपता एवं भ्रष्टाचार कमीशनखोरी पर रोक जनवरी 2019 के समझौता में लंबित बिंदुओं का क्रियान्वयन सहित अन्य मांगों की पूर्ति के लिए किया जा रहा है । वही विधायक महबूब आलम ने आशा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह एवं उनके पार्टी गरिबों के समर्थक हैं तथा उनके साथ हैं। हम सब हक की लड़ाई मांग कर नहीं मिलने से छीन कर लेंगे । वहीं उन्होंने कहा कि आशा कर्मियों के विभिन्न संगठन इनके हित को ध्यान में रखते हुए एकजुट है। और सरकार हमारी मांगे नहीं मानने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा । इस अवसर पर जिला सचिव सुदामा सिंह, दलनती कुमारी,रूना परवीन, रैशमा खारुन, अमीना खातून, रहीमा खातून, रानी खातून, लिपि दास, भारती साह, दिपाली साह, मासुमा खातुन, रैशमा सुहानी, कमरैड यासीन सहित सैकड़ों आशा कर्मि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
