तीन पीढ़ियों से एक आदत सड़क नसीब नहीं हुई है।
अशोक यादव (डडंखोरा)
डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत द्वशय पंचायत अंतर्गत परसन टोला वार्ड संख्या 11 निवासियों के लिए आज के समय में एक आदत सड़क नसीब नहीं हो पाई है । इस गांव में लगभग 35 परिवार रहते हैं जिसमें ज्यादातर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग की लोग हैं । गांव के पूर्वी छोर से 500 मीटर की दूरी पर पीडब्ल्यूडी की सड़क है तो वही गांव के पश्चिमी दिशा में 600 मीटर की दूरी पर मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क है। लेकिन इन दोनों मुख्य सड़क पर जाने के लिए गांव के लोगों को पगडंडी के सहारे जाना होता है, जो स्थानीय निजी लोगों के जमीन है। ग्रामीण बताते हैं जी तीन पीढ़ियों से यहां पर उनके पूर्वज रह रहे है लेकिन आज तक इस गांव में तीन पहिया एवं चार पहिया वाहन नहीं पहुंचा है ।बड़ी मुश्किल से पगडंडी के सहारे दो पहिया वाहन एवं साइकिल लेकर आ पाते है। बरसात के समय पगडण्डी रास्ता भी बंद हो जाती है। पूरे रास्ते में कीचड़ एवं पानी जमा हो जाता है जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है । गांव से 1 किलोमीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय है लेकिन बरसात के समय छोटे-छोटे बच्चे विद्यालय नहीं जा पाए पाते हैं। मंटू शर्मा ,दिलीप कुमार शर्मा ,विक्रम उरांव, संजू टुडू कामिनी देवी, रानी देवी, राजेंद्र पोद्दार ,पूनम देवी, लीला देवी ,गीता देवी ,मंजू देवी ,,बेचनी देवी ,डोम उरांव, कमल शर्मा, उत्तम शर्मा, बालेश्वर शर्मा,गोपी शर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर विधायक सांसद तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी तक इस समस्या के निदान को लेकर गुहार लगाया गया है लेकिन अब तक इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया । ग्रामीणों का कहना है कि जब रबी, गरमा, खरीफ सीजन में किसानों द्वारा खेती कर ली जाती है तो आने जाने का रास्ता भी बंद हो जाता है । ऐसी परिस्थिति में पगडंडी एकमात्र रास्ता बचता है। किसानों द्वारा फसल की बुवाई के बाद बांस की टाटी लगा दिया जाता है जिससे और ज्यादा परेशानी लोगों को उठानी पड़ती है। साइकिल मोटरसाइकिल नहीं आ पाता है बड़ी मुश्किल से लोग पैदल ही आ जा पाते हैं गरीब ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन से गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की मांग की है।
