April 29, 2026

नेल्सन मंडेला नोबल पीस अवार्ड से नवाजे जाएंगे मेयर-डिप्टी मेयर

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गया से आशिष कुमार

राजनीति व सामाजिक सेवा के उल्लेखनीय योगदान के लिए मिलेगी डॉक्टरेट की उपाधि पिछली वर्ष बिहार के दो लोगों को दी गई थी यह आवर्ड, जिसमें मशरूम मैन नालन्दा के संजीव व प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर को दिया गया था।गया। गया नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान एवं डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव को राजनीती व समाजसेवा में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए “नेल्सन मंडेला नोबल पीस अवार्ड 2022” और “मानद डॉक्टरेट की उपाधि” के लिए चयनित किया गया है। साथ ही डॉक्टरेट हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा पीएचडी की उपाधि से भी नवाजा जाएगा।जो कि 28 अप्रैल को St. Mother Teresa University for accredited by world sign JBR HARVARD, U.S.A. व Cambridge School of Distance Education, U.K. द्वारा मुंबई महाराष्ट्र में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया जायेगा।गया जी व गया की जनता के प्रति उन्हें समाज सेवा तथा विकास की कोशिशों को मिल रहा है अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों द्वारा यह भरपूर समर्थन मिला है।गौरतलब है कि गत दिनों नगर निगम द्वारा सर्वेक्षण स्वच्छता को लेकर शहर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया था। जिसमें मेयर व डिप्टी मेयर की भूमिका काफी सराहनीय रहे। उन्होंने स्वयं सड़क पर उतर कर लोगों को जागरूक किया। उनके बीच मास्क का भी वितरण किया गया। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को हर तरह से बेहतर किया गया। शहर के कचरे के निष्पादन को लेकर डंपिंग यार्ड में बनाया गया कचरा निष्पादन प्लांट सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इतना ही नहीं दोनों ने कोरोना काल में शहर के सभी वार्डों में व्यापक रूप से सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। दोनों नेताओं स्वयं अपने हाथों से घरों और मकानों को सैनिटाइज किया लोगों के बीच सैनिटाइजर और मास्क का वितरण किया गया। दोनों ने कोरोना योद्धा के रूप सामाजिक कार्य किया। जनहित में चलाए गए व्यापक कार्य को देखते हुए अब उन्हें एक बड़े सम्मान से नवाजा जाएगा। निश्चित रूप से यह सिर्फ गया ही नहीं बल्कि बिहार के लिए भी गौरव की बात है।बता दें कि विश्व की सबसे बड़ी त्रासदी जब कोरोनकाल के रूप में पूरे विश्व में छा गई। एक इतनी बड़ी महामारी जब लोग घरों से निकलना बंद कर दिया। चाहे वह प्रशासन हो सोशल वर्कर हो, डॉक्टर भी पूरे ऐतिहात बरत के निकल रहे थे। पूरे शहर सन्नाटा हो गया था। जब सब कुछ बंद हो गया था और वह ऐसे समय में गया शहर के डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव जो खुद कोरोना संक्रमित हो गए थे, उसके बावजूद पूरे शहर के एक के कोने में शहर को सैनिताइजेशन करने के लिए सारा सारा दिन इस विपरीत परिस्थिति में चलते रहे और करते रहे। साथ ही शहरवासियों को आग्रह करते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं। इतना ही नहीं अपने जब सगे लोगों ने भी अपने कोरोना से मृत लोगों को कंधा देने तो छोड़ उनके अग्नि संस्कार में शामिल होना भी जरूरत नहीं समझा। वैसे परिस्थितियों में बेसहारा लोगों के अग्नि संस्कार की पूरी व्यवस्था करने से लेकर गरीबों के घर में अनाज पहुंचाने तक कुशल कार्य किया गया। मेयर गणेश पासवान व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार उनके सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए सामाजिक दायित्व के निर्वहन के लिए अपने इमानदार प्रेयत्न के लिए दिया जा रहा है। जो गया ही नहीं बल्कि बिहार के गर्व की बात है।

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