हसनगंज प्रखंड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रही है दो चिकित्सकों के भरोसे

हसनगंज प्रखंड मे 10 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की संख्या एक है। इस पर पूरे प्रखंड के मरीजों की जिम्मा है। प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसनगंज मात्र दो एमबीबीएस चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। यहां ना तो पर्याप्त संख्या में चिकित्सक हैं और ना ही स्वास्थ्य कर्मी। प्रखंड के 5 पंचायत की आबादी लगभग 66 हजार है। और दो चिकित्सकों पर है। चिकित्सकों में एक संविदा पर कार्यरत और दूसरे पीएससी प्रभारी डॉ रमेशचंद्र ठाकुर हैं। एनएम, कंपाउंडर एवं अन्य चिकित्सा कर्मी का भी काफी अभाव है। जिन पर पूरा मरीजों का जिम्मा है। यहां एक भी महिला शल्य चिकित्सक नहीं है। ऐसे में आइसोलेशन के लिए बेड की सुविधा भी नहीं है। वही ऑक्सीजन है मगर बेड कि नहीं। पीएससी में कुत्ता और सांप काटने की भी दवा उपलब्ध है। वही पीएचसी प्रभारी रमेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि सामान्य तौर पर फिलहाल गर्मी का मौसम है, सर्दी खांसी और बुखार के मरीज आ रहे हैं। जिसका जांच उपरांत इलाज किया जा रहा है। पुरे प्रखंड मे एपीएचसी एक एवं पीएचसी दस को मिलाकर सिर्फ 20 नर्स है। जिससे पूरा अस्पताल देखा जाता है। और एक छोटा एंबुलेंस है जो दूसरे जगह से लाकर सेवा दी जा रही है। लेकिन यहां के ग्रामीणों की एक बड़े जीवन रक्षक एम्बुलेंस की मांग है। साथ ही यहां के स्थानीय एंबुलेंस कर्मी संभु सुमन,आनंद ठाकुर, सचिन्द्रर यादव ने बताया की अस्पताल को अपना एंबुलेंस नहीं होने के कारण हमलोग बेरोजगार हो गए हैं।वही एक्सीडेंट या गंभीर अवस्था में पेशेंट की हालत को देखते हुए बढ़िया इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया जाता है।वही प्रभारी ने बताया कि अस्पताल को नर्स और डॉक्टर की यहां जरूरत है।बड़े कमरे वार्ड की सुविधा आधारभूत संरचना जैसे अस्पताल को जरूरत है।जिसे प्रखंड के लोगों का सही उपचार हो सके।
हसनगंज से नीरज कुमार
