April 29, 2026

बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दिया आने से मिट्टी से बने दिया का मांग हुआं कम ।

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सेमापुर से तबरेज आलम की रिपोर्ट

कटिहार जिले में मिट्टी से बने दिए दीपक अंधकार को प्रकाश मै परिवर्तित करता है आज वह अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा धार्मिक अनुष्ठान हो कोई त्यौहार हो एवं अन्य पूजा पाठ में इस दिए का स्माल होता था पर आज इस हाईटेक युग में मिट्टी से बने दिए को कोई पूछने वाला नहीं जरा इन जुड़े लोगों पर भुखमरी की नौबत आ पड़ी है एक ओर जहां सरकार स्वदेशी सामान अपनाने का बात करता है वही चाइनीस समान बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा है मिट्टी से बने दिए क्या काम कर रहे प्राणपुर प्रखंड के कटघर पंचायत के जसवंत पंडित का कहना है सरकार ही हम लोग का निवाला छीनने पर लगा है एक दिए को निर्माण करने में दो-तीन दिन लग जाता है रात दिन एक कर के दिए सहित अन्य बर्तन बनाने में लग जाता है पर हमें देखने वाला कोई नहीं है बाजार में चाइना चाइनीस सामान आने से हम लोग भुखमरी के कगार पर हैं उन्होंने बताया की अब लगता है इस पुश्तैनी धंधे छोड़ ही देने में फायदा है बताते चलें कि इस परंपरा को जीवित रखने के लिए सरकार गंभीरता पूर्वक सोचना चाहिए इस शिल्पकार बर्तन बनाने वाला कारीगर स्वरोजगार देकर मुख्यधारा से जोड़ा जाए किसी ने ठीक कहा है बनाकर दिए मिट्टी के जरा भी आस मैंने भी पाली है मेरी मेहनत ही खरीद लेना मेरे घर में भी दिवाली है ।

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