फसल अवषेष जलाने वाले किसानों का नही खरीदा जायेगा धान
आशीष कुमार
फसल अवषेष जलाने वाले किसानों का नही खरीदा जायेगा धान उक्त बातें फसल अवषेष प्रबंधन से संबंधित कार्यो की समीक्षा के दौरान कही। चार बिन्दुओं पर चर्चा हुई जिनमें
प्रत्येक कम्बाईन हार्वेस्टर मालिक को अनिवार्य रुप से रखना होगा पराली प्रबंधन यंत्र (SMS) ।
जिला प्रषासन की अनुमति से निर्गत होगा कम्बाईन हार्वेस्टर के परिचालन हेतु अनुमति पत्र (पास) बिना अनुमति के कम्बाईन हार्वेस्टर का परिचालन करने वाले यंत्रों के मालिकों के विरुद्ध दर्ज होगी ।
आगामी 16 नवंबर को जिला पदाधिकारी करेंगे कम्बाईन हार्वेस्टर के मालिकों की बैठक ।
विकास आयुक्त, बिहार की अध्यक्षता मैं शुक्रवार को सभी जिला पदाधिकारियों से वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से फसल अवषेष प्रबंधन से संबंधित कार्यो की समीक्षा की गयी । एन॰ सरवणन कुमार, सचिव, कृषि विभाग ने बताया कि धान, गेहूँ आदि फसलों की कटाई के बाद शीघ्र ही अगली फसल की बुआई हेतु किसान फसल अवषेष जलाना प्रारम्भ कर देते है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ ही वातावरण भी बुरी तरह प्रदुषित हो जा रहा है। फसल अवषेष जलाने की घटना विकराल रुप ले रही है। यद्यपि किसानों को इसके लिय लगातार जागरुक किया जा रहा है कि वे फसल अवषेष नही जलायें। इसके बावजूद कुछ किसानों के द्वारा फसल कटाई के बाद फसल अवषेष जलाया जाता है। विकास आयुक्त ने कहा कि अभी धान की कटनी प्रारम्भ हो रही है। अतः अभी से सभी निरोधात्मक कार्रवाई कर लें। सचिव, कृषि ने बताया कि फसल अवषेष जलाने का मुख्य कारण कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल की कटनी है। इसमें फसल के उपरी भाग से कटनी की जाती है जिसके कारण बड़े पैमाने पराली खेतों में रह जाती है। कम्बाईन हार्वेस्टर में पराली प्रबंधन यंत्र (SMS) से इसकी भी कटाई कर मिट्टी में मिला देते है। अतः कम्बाईन हार्वेस्टर जिला प्रषासन की अनुमति लेकर ही परिचालन करें इसे सुनिष्चित कराया जाय। बिना अनुमति के कम्बाईन हार्वेस्टर का परिचालन करने वाले कम्बाईन हार्वेस्टर के मालिकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जाय उप विकास आयुक्त ने फसल अवषेष हेतु किसानों को जागरुक करने के लिये विभिन्न विभागों को सौंपे गये दायित्वों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री कृषि यंत्र योजना के तहत पैक्सों में फसल अवषेष प्रबंधन से संबंधित एक कृषि यंत्र क्रय करने को अनिवार्य किया गया।
