नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने जमकर काटे बवाल घंटों सड़क जाम कर किया प्रदर्शन ।
***मनोरंजन साहा***
पुलिस प्रशासन ने परिजनों को समझा-बुझाकर सड़क को जाम से मुक्त कराया ।
बारसोई अनुमंडल मुख्यालय के महज सौ मीटर दूरी में मौजूद जनता हॉस्पिटल में नवजात शिशु की मौत हो जाने से परिजनों ने सड़क पर आगजनी करते हुए घंटों प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगाने लगे । परिजनों के मुताबिक नर्सिंग होम के कर्मियों की लापरवाही के वजह से इस नवजात बच्चे की जान गई है जिसको लेकर एक लिखित आवेदन बारसोई थाने में देकर मामला दर्ज कराए जाने की बात परिजनों ने कही है ।घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक बच्चा के पिता संजय राय अपनी पत्नी प्रीति देवी को दिनांक 18/02/23 दिन शनिवार को प्रसव कराने के लिए अनुमंडल अस्पताल बारसोई लाया। प्रीति देवी पुत्र को जन्म दिया। लेकिन कुछ ही समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में परिजन जनता हॉस्पिटल नर्सिंग होम बारसोई में भर्ती कराया। जहां अप्रशिक्षित कंपाउंडर के सहारे बच्चे का इलाज चल रहा था। कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ जाती है और परिजन फिर बच्चे को अनुमंडल अस्पताल बारसोई ले जाता है जहां डॉक्टर एंबुलेंस में बच्चे को चेक करते हुए कहा कि बच्चा का मृत्यु हो गया है। यह सुनते ही परिजन दोबारा जनता हॉस्पिटल नर्सिंग होम में आकर रविवार रात में जमकर बवाल की। परंतु जब नर्सिंग होम के कर्मियों ने देखा कि बच्चा जिंदा है और परिजनों को बताया कि वेंटीलेटर की जरूरत है। परिजनों ने अविलंब बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया स्थित एक निजी अस्पताल ले गया। जहां बच्चे की जान नहीं बच पाई। वहीं सोमवार को दोपहर परिजन नवजात बच्चे की शव लेकर बारसोई जनता हॉस्पिटल नर्सिंग होम पहुंचकर घंटों सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

मामला विगरता देख जनता हॉस्पिटल नर्सिंग होम के संचालक नर्सिंग होम बंद कर फरार हो गए। ज्ञात हो कि बारसोई अनुमंडल में नर्सिंग होम के सुरक्षा एवं सुविधा मानकों को ताक पर रखकर डेढ़ दर्जन से अधिक नर्सिंग होम अकेले बारसोई नपं में संचालित हो रहे हैं । और जब कभी इन नर्सिंग होम में कोई घटनाएं घटती है तो यह मामला तूल पकड़ता है और फिर धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाते हैं । इस घटना को लेकर जन अधिकार पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष चंचल सोनार अन्य ने मिलकर डॉक्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा इस दौरान कहा कि ज्यादातर नर्सिंग होम में झोलाछाप अप्रशिक्षित कर्मी काम करते हैं। चंद पैसों के लालच में नर्सिंग होम संचालक और झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का आपरेशन करने लगते हैं। हमसब जिला प्रशासन से इनपर कारवाई की मांग करते हैं। बिदीत हो कि पिछले एक साल में नर्सिंग होम में लापरवाह इलाज से करीब दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।

नर्सिंग होम में मरीजों की मौत के बाद हंगामा और प्रदर्शन भी हुए। मौतों के खेल के बाद भी स्वास्थ्य महकमे ने बड़ी कार्रवाई की जरूरत नहीं समझते है । इस संबंध में थानाध्यक्ष अरविंद कुमार में बताया कि उक्त नर्सिंग होम एवं अन्य के खिलाफ पिडीत संजय राय के द्वारा लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है जिन पर जांच पड़ताल उपरांत मामला दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
