बच्चे के लिए लड़की खरीदी, 16 महीने रखा कैद, डिलीवरी होने के बाद बीमार हालत में फेंका ।
मध्य प्रदेश के उज्जैन के देवास गेट पर 6 नवंबर को एक 19 वर्षीय लड़की बेहोशी की हालत में मिली उसके पास कोई आईडी कार्ड नहीं था। इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया 5 दिन बाद उसे होश आया। तब उसकी देखभाल के लिए पुलिस ने उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा तो काउंसलिंग के दौरान उन्होंने कई खुलासे की। पीड़िता ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि कई महीनों तक उनके साथ रेप किया गया और सरोगेसी के लिए मजबूर किया गया । पिडिता ने बताया कि आरोपी राजपाल सिंह की पत्नी ने दो बच्चों के जन्म के बाद नसबंदी करवा ली थी कुछ साल पहले दोनों बच्चे मर गए । खबर के मुताबिक आरोपी और उसकी पत्नी ने नागदा से पीड़िता को एक महिला से खरीदा था, उसके बदले में उस महिला को भुगतान भी किया गया था। उस समय उस लड़की को पता नहीं था कि उसकी तस्करी हुई है। दंपत्ति ने उसे घर में कैद कर लिया और महिनों तक आरोपी ने उसके साथ रेप किया। जब वह प्रेग्नेंट हो गई तो आरोपी की मां और उसकी पत्नी ने देखभाल शुरू कर दिया । इस दौरान आरोपी और उसकी पत्नी ने भी गर्भवती होने का नाटक किया, ताकि पड़ोसियों को यह विश्वास हो कि वह गर्भवती है। वक्त पूरा होने के बाद पीड़िता को अस्पताल में राजपाल की पत्नी के नाम से भर्ती कराया गया। वहां ऑपरेशन के बाद वह एक बच्चे को जन्म दिया, आरोपियों ने पीड़िता से बच्चे को ले लिया । और सर्जरी के बाद संक्रमण हो जाने से उसका इलाज के बजाय उसे उसी हालत में मरने के लिए देवास गेट पर उसे फेंक दिया गया। पीड़िता के होश में आने के बाद मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है ।
