अवर निबंधन कार्यालय बारसोई के सम्मुख डाटा एंट्री ऑपरेटर ने किया प्रदर्शन ।

निबंधन विभाग में कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर के अंतरराज्यीय स्तर पर बिना विभागीय पत्रांक दिनांक और बिना लिखित आदेश के बतौर मौखिक तौर पर अन्य जिले में योगदान दिये जाने को लेकर विभाग के तमाम डाटा इंट्री ऑपरेटर काफी आक्रोशित है। शुक्रवार को अवर निबंधक बारसोई द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटरों को मौखिक आदेश दिया गया कि आप सभी लोग शनिवार तक बिहार के अन्य पदस्थापन जिले के निबंधन कार्यालय में अपना योगदान दें जबकि कंप्यूटर ऑपरेटरों ने पदाधिकारी से लिखित आदेश मांगा तो उन्हें किसी भी प्रकार का लिखित आदेश यह कहकर नहीं दिया गया कि ऊपर के वरीय पदाधिकारियों का मौखिक तौर पर विरमित करने का आदेश प्राप्त हुआ है।इस बाबत जब सभी डाटा इंट्री ऑपरेटर शनिवार की सुबह अन्य दिनों की भांति कार्यालय अपने नियत समय पर कार्य करने पहुंचे तो उन्हें कार्यालय के पदाधिकारी द्वारा हाजरी बनाने से लेकर कार्य करने को रोक दिया गया। हालांकि सभी ऑपरेटरों ने विभाग द्वारा जारी इस मौखिक आदेश का बहिष्कार करते हुए अपने कार्यालय में ही डटे रहे और इस तानाशाही आदेश की जमकर निंदा की। इस दौरान निबंधन कराने आए सभी निबंधनार्थी जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा जिस कारण सभी को बिना निबंधन कराएं बैरंग लौटना पड़ा। विभागीय मौखिक आदेश के बाद जिला ही नहीं बल्कि बिहार के तमाम कंप्यूटर ऑपरेटर सकते में है की यह कौन सा अनोखा आदेश है।ऐसे मौखिक आदेश के बाद विभाग के तमाम कंप्यूटर ऑपरेटर में कौतूहल का माहौल है कि आखिर ऐसी स्थिति में करें तो क्या करें।बताना होगा कि विगत 25 जनवरी को जिला निबंधन के तमाम कार्यालयों के ईमेल पर विभाग के द्वारा बिना पत्रांक दिनांक तथा बिना लिखित आदेश के तमाम कंप्यूटर ऑपरेटरों का दूसरे जिला में योगदान दिए जाने की सूची आती है जिसमें ऑपरेटरों को अपने-अपने जिले में योगदान दिए जाने की बातें कही गई है जबकि 28 जनवरी को 11:30 बजे आयोजित निबंधन विभाग की बैठक में अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा सभी जिला अवर निबंधक को मौखिक आदेश दिया गया कि जिला के निबंधन कार्यालय में कार्यरत सभी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी लिखित आदेश के बतौर मौखिक तौर पर मीटिंग खत्म होने के साथ ही सभी कंप्यूटर ऑपरेटर को दूसरे जिला में योगदान देने को कहा जाए।यहां तक कि अपर मुख्य सचिव के के पाठक द्वारा 24 घंटे के अंदर तमाम कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना लिखित आदेश के ही अन्य जिलों में योगदान देने को कहा गया है।प्रमुख सचिव के के पाठक के द्वारा इस तानाशाही रवैया को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटरों में काफी क्षुब्द व्याप्त है जिसको लेकर तमाम ऑपरेटरों ने कहा कि जब तक विभाग द्वारा किसी प्रकार की लिखित आदेश नहीं दी जाती है तब तक अन्य जिले में योगदान नहीं दी जायेगी।कंप्यूटर ऑपरेटरों में सहजानंद सिंह स्मृतिकांत पाठक अमित कुमार दास राजेश शर्मा मुकेश कुमार पाल गौरव कुमार कुमार शुभांकर कृष्णा मुरारी शुश्री तनु आदि ऑपरेटरों ने कहा कि विभाग अगर लिखित आदेश देती है तो वह कोरोना काल के समय में भी अन्य जिले में योगदान देने को तैयार हैं।जब तक लिखित आदेश नहीं मिलती तब तक वह लोग अन्य जिले में योगदान नहीं दे सकते चाहे इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी तो वह इसके लिए भी तैयार है।निश्चित तौर पर विभाग के इस तानाशाही रवैया के बाद ऑपरेटरों में आक्रोश व्याप्त है जो आनेवाले दिनों में भी कहीं ना कहीं निबंधन कराने आनेवाली जनता के लिए परेशानियों का सबब बन सकती है। हालांकि ऐसी स्थिति में विभाग के वरीय पदाधिकारियों को भी ऑपरेटरों की मांग के बारे में सोचने की जरूरत है।
Reporting By:- अमित कुमार
अवर निबंधक बारसोई:- शैलेश कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा मौखिक आदेश दिया गया है और मौखिक तौर पर तमाम डाटा इंट्री ऑपरेटर को अन्य जिले में योगदान दिए जाने को आदेश दे दिया गया है। निबंधन कार्य बाधित है इसके लिये खेद प्रकट करते हैं।
