April 8, 2026

ढेरुआ के बाद कालसर पंचायत में कालाजार उन्मूलन दवाई छिड़काव कार्य हुई तेज

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(डेस्क|हसनगंज)

हसनगंज प्रखंड को कालाजार रोग से मुक्त कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मौके पर कालाजार के खिलाफ एस पी दवा छिड़काव अभियान चलाया गया। इसके लिए प्रखंड के सभी चिन्हित पंचायत के कालाजार प्रभावित गांव टोले मोहल्ले में त्वरित गति से कालाजार उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर छिड़काव कर्मियों की टीम ढेरुआ पंचायत के बेतोना, पीरगंज, शीतलपुर, इस्लामपुर, बंदेवार, सोराडागी, खनुआ गांव में पहुंचकर सिथेटिक पैराथायराइड दवा का छिड़काव की गई। और कालसर पंचायत के कालसर अधौरा गांव समेत अन्य गांवों में दवाई की छिड़काव किया जा रहा हैं। जिससे कालाजार फैलाने वाली बालु मक्खी मर जाती है। मौके पर एसएफडब्ल्यू के कमल प्रसाद मंडल ने बताया कि कालाजार उन्मूलन तहत छिड़काव कार्य किया जा रहा है। घर के कोने कोने, मवेशी घर, पूजा घर, जलावन घर, बाथरूम सहित अन्य जगहों पर छिड़काव किया जा रहा है। बताया कि कालाजार समाज के लिए काली स्याही की तरह है। इस बीमारी को जन जागरूकता व सामूहिक सहभागिता से ही हराया जा सकता है। कालाजार तीन तरह के होते हैं जो वीएल कालाजार वीएल प्लस एचआईवी व पीकेडीएल है। कालाजार रोग लिशमेनिया डोनी नामक रोगाणु के कारण होता है, जो बालू मक्खी के काटने से फैलता है। साथ ही यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है, दो सप्ताह से अधिक बुखार व अन्य विपरीत लक्षण शरीर में महसूस होने पर अभिलंब जांच करवाना अति आवश्यक है। कालाजार की मक्खी अधिकतर नमी व अंधेरे वाले स्थान पर ज्यादा रहती है। उन्होंने सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का लाभ उठाने तथा कालाजार मुक्त बिहार बनाने में सहयोग करने की अपील लोगों से की। इस मौके पर छिड़काव कर्मी आनंद कुमार, गुड्डू कुमार उराव, कृष्णानंद कुमार मंडल, फूल चंदन उरांव, राजा पासवान आदि मौजूद रहे।

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