April 29, 2026

बदलती जलवायु एवं मानवीय हस्तक्षेप की वजह से कई पक्षियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है ।

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बदलती जलवायु व मानवीय हस्तक्षेप की वजह से कई पक्षियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में विलुप्तप्राय पक्षी गरुड़ हसनगंज प्रखंड के जगरनाथपुर गांव की आबोहवा में अपना बसेरा बना लिया है। और यहां के लोग इसे धर्म की आस्था से जोड़कर भगवान विष्णु जी के वाहन गरुड़ की संज्ञा से भी सम्बोधित करते हैं। यह शुभ संकेत है,की दुर्लभ पक्षियों की श्रेणी में आ चुके गरुड़ का प्रखंड क्षेत्र में बसेरा है।प्रखंड के जगरनाथपुर पंचायत के जगरनाथपुर गांव में काली मंदिर प्रांगण में सैकड़ो वर्ष पुराना बरगद के पेंड़ पर दर्जनों बड़े गरुड़ अपना घोंसला बनाकर वर्षो से अपना प्रजनन करते आ रहे हैं। इस गांव के निवासियों का इसके साथ दोस्ताना व्यवहार भी इसकी एक वजह है। गांव के निवासी सह भाजपा प्रखंड अध्यक्ष मुकेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गांव में मानव के बीच रह रहे गरुड़ के साथ दोस्ताना व्यवहार है। जिस कारण वर्षो से गरुड़ यहां घोसला बनाकर रह रहा है। किसी भी व्यक्ति को गरुड़ को डराने धमकाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। गरुड़ की सबसे बड़ी आश्चर्यजनक बात है,की हर वर्ष आषाढ़ माह में इस बरगद पेंड़ के नीचे होने वाली काली पूजा के दस दिन पूर्व सभी गरुड़ पूजा अवधि तक अन्यत्र चले जाता है। ताकि उसके मल से पूजा स्थल पर गंदगी न हो और पूजा समाप्ति के पश्चात दर्जनों गरुड़ वापस पेंड़ पर आ जाता है। वहीं गरुड़ आस्था का प्रतीक है। साथ ही किसानों का मित्र भी है। चूहा,सांप व बड़े कीटों को खाकर फसल का बचाव करते हैं।

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