April 30, 2026

विश्व प्रास्टेट माह के तहत डॉक्टरों ने पत्रकारों से कि वार्ता

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संवाददाता अनुज तिवारी

कानपुर — विश्व प्रास्टेट माह के अवसर पर नगर के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डा० वी०के० मिश्रा द्वारा कानपुर यूरोलॉजी सेन्टर में सितम्बर माह में प्रॉस्टेट की समस्या से पीड़ितों जिनकी उम्र 50 वर्ष या अधिक है, को परामर्श शुल्क में 50% की छूट पर पूरे माह में देखा जायेगा ।डा० मिश्रा ने पत्रकारों को वार्ता में बताया कि लगभग 70-80 प्रतिशत पुरुषों की आयु के उपरान्त प्रॉस्टेट ग्रन्थि के बढ़ने से पेशाब का रुक-रुक के होना, बार-बार होना व पेशाब का अचानक रुक जाना, छूट जाना इत्यादि तकलीफें हो सकती है। यदि सही समय पर इनका उपचार कर दिया जाये तो मरीज को प्रॉस्टेट के द्वारा होने वाली जटिलताओं जैसे मूत्र संक्रमण होना, गुर्दे फेल होना, प्रॉस्टेट कैंसर इत्यादि से बचाया जा सकता है।पेशाब की धार का पतला होना पेशाब का रुक-रुक के आना या पूरा पेशाब न होना पेशाब करने में समय लगना, पेशाब करते समय जोर लगाना।पेशाब में मवाद खून इत्यादि आना एवं कभी कभी प्रॉस्टेट कैंसर हो जाना।पत्रकारों द्वारा पूछने पर डा० मिश्रा ने बताया कि शाकाहार, संयमित भोजन एवं नियमित दिनचर्या तथा व्यायाम प्रॉस्टेट ग्रन्थि को बढ़ने से रोकते है। पाश्चात्य शैली, फास्ट फूड, कॉफी, मांसाहार इत्यादि इसके बढ़ने में सहायक कहे जाते है। प्रॉस्टेट कैंसर से बचाव में हरी चाय, टमाटर, सोयाबीन, लाइकोपीन इत्यादि लाभप्रद है।

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