April 29, 2026

महाशिवरात्रि पर भारीडीह शिव मंदिर जुटेंगे हजारों श्रद्धालु, करेंगे जलाभिषेक ।

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तनवीर आलम (हसनगंज)

हसनगंज प्रखंड अंतर्गत बलुआ पंचायत के अति प्राचीन एवं ऐतिहासिक भारीडीह शिव मंदिर आज आसपास के लोगों के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। यह शिवालय अपने आप में सदियों के इतिहास को समेटे हुए है। महा शिवरात्रि सहित सावन में इस मंदिर का महत्व काफी बढ़ जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर पुरे जिले सहित विभिन्न प्रांतों के लोग यहां बाबा को जल चढ़ाने पहुंचते हैं। साथ ही सावन माह में प्रत्येक सोमवार को भी काफी भीड़ रहती है। भारीडीह शिव मंदिर के बारे में लोगों का कहना है कि यहां मांगी गई मन्नतें बाबा के दर्शन के साथ ही पूरी हो जाती है। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह दो सौ वर्ष से अधिक पुरानी मंदिर है। मंदिर की गर्भगृह बड़ा है। श्रद्धालुओं के मंदिर प्रवेश करते ही आध्यात्मिक ऊर्जा का एहसास होता है। यहां पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल व झारखंड, पड़ोसी जिला पूर्णिया यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेला अध्यक्ष बाबूलाल मुर्मू, मुखिया कन्दलाल मुर्मू, पूर्व प्रमुख मनोज कुमार मंडल, पूर्व समिति प्रतिनिधि सदानंद तिर्की, प्रमुख प्रतिनिधि गौतम कुमार, समाज सेवी अमित कुमार, ओम प्रकाश निझर, अभय कुमार महतो, अवधेश गुप्ता आदि ने कहा कि हर वर्ष महाशिवरात्रि के मौके पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला पूरे एक माह तक चलता है। खासकर यह मेला लकड़ी के बने समानों के लिए काफी प्रसिद्ध है। मंदिर के निर्माण के बारे में लोग बताते हैं कि सूर्यवंश राजवंश के राजा राजेन्द्र नारायण राय द्वारा 1822 ई में भारीडीह शिव मंदिर का निर्माण कराया गया है। जो आज पुरे प्रांतों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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