प्रमुख द्वारा बीडीओ पर स्पष्टीकरण निकालना औचित्यहीन – बीडीओ
नवीन मेहता (कदवा)
कदवा बीते सोमवार को अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष के निर्देश पर परभेली पंचायत के छतीयन गांव जाने के क्रम में ग्रामीणों की शिकायत पर परभेली पंचायत के रानिकोला में हो रहे पंचायत समिति मद से छठ घाट का निर्माण कार्य को संयुक्त रूप में प्रखंड विकाश पदाधिकारी व अंचलाधिकारी द्वारा निर्माण कार्य रोकते हुए रिपोर्ट कनीय अभियंता सहित वरीय पदाधिकारी को की गई थी ।जिसको लेकर मामला काफी तूल पकड़ने लगा है। मामले को लेकर प्रखंड प्रमुख मंटू रविदास द्वारा पत्र निकालकर प्रखंड विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है जिसे प्रखंड विकाश पदाधिकारी मुर्शिद अंसारी ने औचित्यहीन बताया ।मामले की जानकारी देते हुए अंचलाधिकारी रविशंकर सिन्हा ने बताया कि दोनों पदाधिकारी एक ही साथ आयोग के अध्यक्ष के निर्देश पर छतीयन गांव जा रहे थे जाने के क्रम में देखा गया कि सड़क को काटकर सड़क पर ही छठ घाट निर्माण किया जा रहा था जिससे सड़क दुर्घटना की संभावना प्रबल थी ।जिस कारणवश बीडीओ द्वारा निर्माण कार्य को रोककर रिपोर्ट किया गया था । कुछ ग्रामीणों ने कदवा बीडीओ से शिकायत कर कार्य पर रोक लगाते हुए कार्रवाई की मांग भी की थी।जाँच पड़ताल के बाद बीडीओ द्वारा कार्य पर रोक लगा दिया था।
कहते हैं ग्रामीण—- ग्रामीण ओम प्रकाश ठाकुर ,विवेकानंद महतो सहित अन्य कई ग्रामीणों ने बताया छठ घाट निर्माण कार्य में काफी अनियमितता भी बरती जा रही थी। सभी कार्य पंचायती राज विभाग के पदाधिकारी की मिलीभगत से प्रखंड क्षेत्र में संपादित की जाती है। पंचायत समिति मद से चल रही योजनाओं में खुलेआम लूट चल रही है। योजना का नाम बदलकर योजना चलाई जा रही है। जो जांच का विषय है। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी धर्मेंद्र नाथ सहनी ने साफ शब्दों में कहा की पंचायत समिति के कार्यो में बीडीओ हश्तक्षेप नही कर सकते है।प्रखंड विकास पदाधिकारी मुर्शीद अंसारी ने बताया उनसे स्पष्टीकरण पूछा जाना औचित्यहीन है। दुर्भावना से ग्रसित होकर ऐसा कर रहे हैं। जबकि ग्रामीणों द्वारा स्थल पर बिना शिलापट्ट लगाए अनियमितता पूर्वक घटिया सामग्री से कार्य किये जाने की शिकायत भी की गई जो सही भी पाया गया।परंतु निर्माण कार्य सड़क पर किये जाने के कारण रोका गया है।
