कटिहार रेलमंडल में CRS और रेलवे स्पेशल स्क्वायड की टीम ने रेलवे मुख्यालय की सूचना पर 12510 गोवाहटी-बैंगलोर एक्सप्रेस से किशनगंज से बैंगलौर की यात्रा कर रहे फर्जी टिकट के साथ 30 यात्रियों को धर दबोचा है
कटिहार में फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा कर रहे 30 यात्रियों को बारसोई जंक्शन में मंगलवार की शाम को कटिहार रेल मंडल के स्पेशल स्क्वायर टीम ने पकड़ा कर जुर्माना वसूला। सभी यात्री गुवाहाटी बेंगलुरु ट्रेन में सफर कर रहे थे इनमें से अधिकतर किशनगंज एवं पश्चिम बंगाल के दालकोला के रहने वाले हैं। इस संबंध में पकड़े गए यात्रियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किशनगंज और दालकोला में कई एजेंट ऐसे हैं जिनके पास लंबी दूरी के सभी गाड़ियों की टिकट हमेशा उपलब्ध रहती है और जिन्हें जब जिस ट्रेन में टिकट की जरूरत होती है अधिक कीमत देखकर टिकट मिल जाता है। एजेंट के द्वारा उन्हें आधार कार्ड का नंबर और नाम बता दिया जाता है तथा कहा जाता है कि इसी नाम से सफर करना है। बारसोई स्टेशन मास्टर मोहम्मद अली ने बताया कि स्पेशल स्क्वाड टीम कटिहार रेल मंडल के सीनियर डी सी एन प्रशांत के निर्देश पर गठित किया गया था जिसका नेतृत्व एनजीपी के सीटीआई आईसी राजीव प्रसाद और सीआरएस आलोक कुमार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रेलवे के टिकट में हो रहे अवैध धंधे पर नकेल कसने के लिए अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके तहत गाड़ी संख्या 12510 गुवाहाटी बेंगलुरु के स्लीपर क्लास में दूसरे के आधार कार्ड और टिकट से यात्रा कर रहे 30 यात्रियों को जांच के दौरान पकड़ा गया उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों को टिकट की दर पर जुर्माना कर चेतावनी देते हुए छोड़ा गया है । सभी फर्जी यात्रियों से लगभग 36 हजार रुपया जुर्माना वसूला गया। कहा कि अब रेलवे प्रशासन सजग हो गई है तथा फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी यात्री एजेंट के माध्यम से अधिक रुपए देकर टिकट ना खरीदें इससे उनकी यात्रा भी नहीं हो पाएगी। साथ ही जुर्माना लगेगा और बेज्जती अलग से होगी उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी एजेंटों की पहचान कर बहुत जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। गौरतलब है कि दलालों और एजेंटों के मिलीभगत से अवैध रेलवे टिकट का धंधा फल-फूल रहा है जिसके तहत लंबी दूरी के गाड़ियों की टिकट 4 महीने पहले दूसरे के नाम एवं आधार कार्ड से बना लिया जाता है और नियत समय पर जरूरतमंद लोगों को टिकट के दर से दुगुने तिगुने कीमत लेकर ब्लैक किया जाता है । जिसके कारण क्षेत्र के भोली-भाली जनता का शोषण होता है इसके साथ ही रेलवे के साथ भी धोखाधड़ी की जाती है, और आम लोग टिकट से वंचित रह जाते हैं ।
