April 13, 2026

पिछड़े बस्तियों में कैलाश सत्यार्थी की पहल, गरीब बच्चे क्रिकेट से लेकर संगीत में निकालेंगे हुनर

Read Time:1 Minute, 43 Second

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा सामने लाने के लिए कार्यक्रम का शुरुआत किया है। इस योजना का उद्देश्य महानगर की स्लम बस्तियों में रहने वाले समाज के कमजोर और हाशिए में बच्चों को संगीत, नृत्य , नाटक, क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को निखारने और उसे प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रतिमा विकास कार्यक्रम के तहत मेरी आवाज सुनो कार्यक्रम को जरिए ओखला में स्लम बस्ती इंद्र कल्याण बिहार में इसे लांच किया गया। यह कार्यक्रम महानगर की चार स्लम बस्तियों चाणक्यपुरी की संजय कैंप, ओखला के इंदिरा कल्याण विहार, रंगपुर पहाड़ी और बसंत कुंज की इंदर कैंप में आयोजित किया जाएगा । केएससीएफ और आईटी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी बोट के सह संस्थापक और सीएमओ अमन गुप्ता ने इसे लांच किया । उल्लेखनीय है कि k.s.c.f. ने दिल्ली की स्लम बस्तियों में बाल मित्र मंडल के माध्यम से 2018 में इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। बीएमएम नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की एक अनूठी पहल है ।

Previous post न्यायालय के आदेश पर सुधानी ओपी थाना प्रांगण में 15.5 लीटर शराब किया नष्ट
Next post उप्र के सीतापुर में एक बड़ा हादसा, तेज रफ्तार स्कार्पियो ने 6 राहगीरों को रौंदा 2 की मौत
Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial