खरना के बाद शुरू हुआ 36 घंटे का निर्जला व्रत छठ महापर्व
आशीष कुमार
रैल ट्रैक से गुजरने वाले छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की रक्षा को लेकर आरपीएफ व जीआरपी मुस्तैद: छठ को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम,घाटों पर रहेगी पैनी नजरगया।सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ अनुष्ठान के दूसरे दिन मंगलवार को खरना का व्रत संपन्न हुआ। जिसके साथ छठ व्रतियों का 36 घंटों का निर्जला उपवास भी शुरू हो गया। इसको लेकर छठी मइया की पारंपरिक गीत गाते हुए व्रती महिलाएं नदी, घाटों पर पहुंचीं और स्नान करने के बाद जल के साथ घर लौटीं। फिर विधि-विधान के साथ शाम को गुड़ व दूध मिश्रित खीर व रोटी का प्रसाद बनाकर ग्रहण की तथा एक दूसरे को खिलाकर खरना संपन्न की।इसको लेकर देवघाट, सूर्य कुंड ब्राम्ही घाट पिता महेश्वर घाट सिढिया घाट सहित विभिन्न घाटों, पर दोपहर बाद श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो शाम तक चलता रहा। सोमवार को नहाय-खाय के साथ लोक आस्था के चार दिवसीय पर्व छठ पूजा का अनुष्ठान हुआ था। जिसके दूसरे दिन खरना संपन्न कर बुधवार की शाम में अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। जबकि गुरुवार की सुबह अरुणदोय काल में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दान के पश्चात पारण कर व्रत का समापन होगा। इधर त्योहार के मद्देनजर छठी मइया की पारंपरिक धुनों में गाई जा रही गीतों के चलते गांवों से लेकर शहर तक छठमय हो गया है। छठ घाटों से लेकर घर व गलियों तक की सफाई की जा रही है तथा बल्ब व बत्ती लगाकर प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है। छठ पूजा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हो,जिसे लेकर गया पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है।छठ को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम घाटों पर रहेगी पैनी नजर। छठ महापर्व को लेकर रेल ट्रैक से गुजरने वाले छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की रक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल व रेल पुलिस जवान मुस्तैद है।
