रेल में निजीकरण एवं नई पेंशन नीति है अभिशाप — मुनीन्द्र सैकिया
प्रवीण कुमार (कटिहार)
एन०एफ०आर०ई०यू० में महामंत्री मुनीन्द्र सैकिया सात दिवसीय दौरे पर आज कटिहार पहुँचे। मण्डल सचिव रुपेश कुमार,मण्डल अध्यक्ष मनीष कुमार,केंद्र के नेता दिनेश पासवान के अगुआई में भव्य स्वागत किया गया।इस दौरे पर महामंत्री श्री सैकिया कटिहार,मनिहारी ,पूर्णिया,बरसोई,किशनगंज,न्यू-जलपाइगुड़ी,सिलीगुड़ी,तिनधरिया,कर्सियांग व अन्य जगहों पर पहुँचकर कटिहार मण्डल में कार्यरत सभी सम्मानित रेल कर्मचारी से मिलेंगे।उनकी समस्याओं का निदान करने का हर संभव प्रयास भी उनके द्वारा किया जायेगा।महामंत्री ने बताया कि जितने भी सम्मानित रेल कर्मचारी पूर्वोत्तर सीमांत रेल में कार्य करते हैं। उससे आधा रेल आवास की संख्या यहाँ है।रेल प्रशासन रेल कर्मचारी की मूलभूत सुविधाएँ देने भी सक्षम नहीं है। वहीं सरकार के द्वारा निजीकरण को रेल में लाने का कोशिश किया जा रहा है।इससे रेल कर्मचारी के साथ-साथ युवाओं का भी भविष्य भी अन्धरे में है।जहां एक तरफ़ रेलकर्मी सेवा निवृत हो रहें हैं ,वहीं दूसरी तरफ़ सरकार रक्त पदों के भर्ती को भी करने का साज़िश कर रही है।इसी के साथ सही समय पर रेल कर्मचारियों को विश्राम नहीं मिल पाना,भत्तों का समय से भुगतान नहीं हो पाना , नियम के विरुद्ध जाकर रेल कर्मचारियों के ऊपर दबाव बनाकर रेल को चलाने का काम किया जा रहा है। और इस नई पेंशन नीति को लागू करके रेल कर्मियों के बुढ़ापे के सहारा को भी छीनने का काम किया जा रहा है। और भी कई मुद्दा रेल में व्याप्त हैं। जिसपर एन०एफ०आर०ई०यू० की लड़ाई जारी है और जब तक यह जड़ से समाप्त नहीं होता तब तक यह संगठन लड़ाई जारी रखेगा।रेल प्रशासन के इस तरह के वर्तमान रवैया को देखते हुए आगामी दिनों में एन०एफ०आर०ई०यू० रेल कर्मचारियों के हक़ के लिए एक बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
