सीतापुर में पत्रकारों के उत्पीडन को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर दिया गया ज्ञापन
Reporting by एन सी वर्मा/वी के रस्तोगी सीतापुर ।
सीतापुर मे अन्तर्राट्रीय प्रेस परिषद द्वारा जिलाधिकारी के जरिये प्रधानमंत्री को दिया गया ज्ञापन जनपद सीतापुर में पत्रकारों के उत्पीडन को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया था जिसमें कहा गया था कि दिनांक 15.12.2021 तक मांगे नही मानी गई तो परिषद द्वारा विवश होकर लोकतत्र बचाओ मीडिया (पत्रकार) बचाओ को लेकर संघर्ष पूरे प्रदेश किया जायेगा, परन्तु प्रशासन और शासन द्वारा कोई कार्यवाही न होने के कारण परिषद ने निर्णय लिया कि पुनः जिला प्रशासन को कुछ समय दिया जाए यदि 15 दिनो में संलग्नक व निम्नलिखित ज्ञापन पर बिन्दुवार कार्यवाही न की गई,तो परिषद भविष्य मे लोकतन्त्र बचाओ मीडिया बचाओ संघर्ष करेगा जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व आपकी होगी परिषद के कार्यकर्ताओ द्वारा कहा गया कि जनपद सीतापुर में फर्जी दर्ज मुकदमे पत्रकारो के वापस लिये जाये। जनपद सीतापुर में भीडिया कर्मियों का उत्पीडन करने वाले लोगो पर मुकदमा दर्ज होजनपद के सभी पत्रकारों को मीडिया सेल से जोड़ा जाये,जिससें समाचार पत्र चैनल, पत्रिकाए और वेब पोर्टल चैनल के रिपोर्ट सम्मिलित किये जाये। आवश्यकता पड़ने पर पत्रकारो को कवरेज करने के दौरान सुरक्षा प्रदान की जाये सभी विभागो को निर्देशित किया जाये कि किसी भी मीडिया कर्मी को कवरेज करने से न रोका जाए। पत्रकारो को मानदेय सुनिश्चित किया जाए और टोल टैक् समे छूट दिया जाये। पत्रकारो की हत्या होने पर दुर्घटना होने या अन्य शारीरिक क्षति होने पर सरका कर्मियो के समान ही लाभ दिये जाए। लोकतन्त्र के मजबूर स्तम्भ के रूप में कार्यकर रहे पत्रकारो को और उनके पाल्यो को सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं में वरीयता देते हुए आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक और प्रिट मीडिया से जुडे, पत्रकारो को रेल बस यात्रा की निशुल्क सुविधा दी जाए। किसी भी प्रकार का अभियोग पंजीकृत करने से पूर्व जांच पड़ताल की जाए और जांच के दौरान पत्रकार को गिरफतार न किया जाए ऐसा करने से पूर्व संपादक से अनुमति ली जाए। सरकार पत्रकार सुरक्षा परिषद का गठन करे पत्रकारो को कम से कम 10 लाख का सुरक्षा बीमा निर्धारित करे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी दशा में पत्रकारो का उत्पीडन करने वाले के खिलाफ सम्बन्धित थाने मे तत्काल अभियोग पंजीकृत करके विधिक कार्यवाही की जाए।
