May 31, 2026

उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोविंदपुर के छात्र-छात्राएं अनुशासन में रहते हैं

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ई-शिक्षा पोर्टल पर 271 छात्र- छात्राएं का नाम अपलोड किया गया है: मेराज अहमद

प्रवीण कुमार (कटिहार)

आजमनगर प्रखंड अंतर्गत के तेधड़ा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोविंदपुर छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। छात्र छात्राएँ अनुशासित ढंग में रहकर पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन में रुचि बढ़ती जा रही हैं। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रहते हैं। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करते हैं।उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोविंदपुर में वर्ग एक से आठ तक की पढ़ाई होती है।प्रधानाध्यापक कुशल व्यवहार के साथ साथ कुशल प्रशासक भी हैं। विद्यालय में वर्तमान में नामांकित 271 छात्र-छात्राएँ अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय में समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि लेते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापक से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापक को काफी सहयोग कर रहे हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित होकर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य करते है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने कहा कि विद्यालय में ई-शिक्षा पोर्टल पर 271 छात्र- छात्राओं का नाम अपलोड किया गया है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने बताया कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षक शिक्षिका मो० अनीश आलम, अर्जुन कुमार शर्मा, कौशर जहां, मोहम्मद मिनाज आलम, बीबी माहेलका बानू, अरविंद कुमार राय, अशरफुल हक पठन-पाठन का कार्य में करते हैं। विधालय कार्यालय में प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने शिक्षकों का संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का अध्यक्षता प्रधानाध्यापक ने किया।विद्यालय के गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने कहा कि समय बदल चुका है। समय के अनुसार विद्यालय आना है और समय के अनुसार सभी वर्ग में नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य सुनिश्चित करें।शिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य होता है कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में अनुशासन के साथ-साथ पठन-पाठन करने में ईमानदारी पूर्वक अभिरुचि रखें। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विधालय को प्राप्त मात्र 97 डीसमल जमीन पर 12कमरे का भवन है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विधालय में वित्तिय वर्ष 2024- 25 में वर्गावार नामांकित छात्रों की संख्या वर्ग 1 में 19,छात्र, वर्ग 2 में 25, वर्ग 3 में 55,वर्ग 4 में 35, वर्ग 5 में 46, वर्ग 6 में 42, वर्ग 7 में 27,वर्ग 8 में 23, टोटल 271 छात्र-छात्राओं का नामांकन विद्यालय में है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने कहा कि सभी छात्र – छात्राओं को पाठ्य पुस्तक वितरण कर दिया गया है। वर्ग 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के बीच बैग,पीने का पानी का बोतल एवं एफएलएन कीट का वितरण भी किया गया। विद्यालय में हर वर्ग कक्ष का ब्लैक बोर्ड का काली करण किया गया है। प्रधानाध्यापक के द्वारा साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं।हाऊस कीपिंग के द्वारा विधालय परिसर तथा शौचालय की नियमित रुप से साफ-सफायी किया जा रहा है।बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। आनंददायी कक्षा 3 कमरे को बनाया गया है। वर्ग एक और दो के बच्चे आनंददायी कक्षा में चित्रों को देखकर खेल-खेल में सिखते है। विभागीय निदेशानुसार 6 अप्रैल 2024 को विद्यालय परिसर में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। दीक्षांत समारोह में विधालय के छात्र-छात्राओं को प्रगति पत्रक से पुरस्कृत किया गया जिससे छात्र छात्राओं काफी खुश दिखे। इसका विधालय में सकारात्मक प्रभाव पड़ा और बच्चों के उपस्थिति में बढ़ोतरी हुई। इससे अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय भेजने में अभिरुचि बढी। छात्र-छात्राओं को प्रति कार्य दिवस में मीनू के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना का लाभ दिया जाता है। विद्यालय में प्रत्येक शनिवार को चेतना सत्र में सुरक्षित शनिवार के कैलेंडर के अनुसार तरह तरह के खतरे जैसे सड़क दुघर्टना, भूकंप,आपदा, बीमारी, ठंड से बचाव,लूं से बचाव आदि गति विधि कर बताया जाता है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने बताया कि विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने में दिन-रात जुटा रहता हूं। जिसका परिणाम अल्प अवधि में विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के दिशा में कार्य किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विद्यालय के छात्राओं को शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में विद्यालय आने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया। परिणाम हुआ कि विद्यालय के छात्राएं अनुशासित ढंग से पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय के 65 प्रतिशत बच्चे ड्रेस में आते हैं। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद के द्वारा समरसेबल पंप, हैंड वॉश,टेबुल,कुर्सी, अलमीरा,स्पीकर सेट,बक्सा, दरी सहित कई आधारभूत संरचनाओं की व्यवस्था किया है।विद्यालय में विद्युत कनेक्शन लेकर सभी कमरे में लाइट एवं दो दो पंखा लगाया गया है। प्रधानाध्यापक मेराज अहमद बताते हैं कि अगर विवाह के द्वारा विज्ञान एवं संस्कृत शिक्षक की नियुक्ति हो जाता, तो छात्र छात्राओं को विषय वार पठन-पाठन हो जाता। भवन की मर्मूती होने से विद्यालय का खूबसूरती और बढ़ जाता। चाहारदीवारी का निर्माण नए सिरे से हो जाता, तो सुरक्षा की दृष्टि से बहुत अच्छा होता। छात्राओं के लिए बैठने के लिए अगर काम से कम 50 सेट बेंच डेक्स की व्यवस्था हो जाता,तो छात्र-छात्राओं को हर मौसम में सुखदाई हो जाता।

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