शीतलपुर पंचायत के सिंघौल,नगर,चंपा पुरब के किसानों को बिजली युक्त पंप सेट से सिंचाई कर पा रहे हैं
किसानों ने अविलंब नये ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत तार में करंट चालू करने की मांग की है।
प्रवीण कुमार( कटिहार)
कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर पंचायत के सिंघौल,नगर, चंपा पुरब के किसानों को बिजली युक्त पंप सेट से सिंचाई करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि बिजली विभाग के द्वारा किसानों के खेतों से होकर विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कर लिया है,लेकिन बिजली तार में करंट चालू नहीं किया है। जिसके कारण कई किसान विद्युत से संचालित होने वाली मोटर पंप का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। चंपा पुरब में विद्युत विभाग के द्वारा ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाया गया है। किसानों ने अविलंब नये ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत तार में करंट चालू करने की मांग की है। किसान अस्मत रजा ने खेत में सिंचाई के लिए विद्युत करण कनेक्शन भी लिया है। लेकिन खेत से गुजरने वाली तार में करंट चालू नहीं किया है। जिसके कारण किसान अस्मत रजा, पिता स्वर्गीय मानकीमुद्दीन सिंघौल,नागर निवासी ने सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जिस कारण यह किसान अपने खेत में विद्युत से संचालित होने वाली पंप से सिंचाई करने में असमर्थ हो रहे हैं। किसान अस्मत रजा कहते हैं कि खेत में सिंचाई करने के लिए विद्युत बहुत जरूरी है। बिजली विभाग के द्वारा दिसंबर 2025 में नए सिरे से विद्युत खंभा लगाकर तार लगा दिया है। लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है।जिसके कारण बिजली तार में करंट चालू नहीं किया गया है।इस परिक्षेत्र के किसानों विद्युत कनेक्शन लेने के बावजूद भी सिंचाई कर नहीं कर पा रहे हैं। इस परिक्षेत्र के किसान करण कुमार सिंह, घनश्याम विश्वास, कांत लाल यादव सहित दर्जनों किसानों ने एक स्वर से कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण अब तक खेतों से गुजरने वाली बिजली तार में करंट नहीं देने तथा ट्रांसफार्मर नहीं लगाने के कारण हम सभी किसान बिजली युक्त मोटर से पटवन कार्य नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण अधिकांश खेत परति पड़ा हुआ है। जिससे किसानों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने एक स्वर से कहा कि बिजली विभाग को चाहिए कि हम किसानों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत तार में करंट चालू किया जाय। ताकि हम सभी किसान समय पर मौसम के अनुसार अपने-अपने खेतों में सिंचाई कार्य कर सकेंगे।
