May 1, 2026

Mining Tender: बिहार में खनन की टेंडर प्रक्रिया शुरू, जमीन से निकलेगा सोना, निकल और क्रोमियम

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बिहार में जल्द ही राज्य सरकार सोने के साथ-साथ क्रोमियम-पोटैशियम के खनिज ब्लॉकों का खनन शुरू करवाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। टेंडर के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बिहार सरकार ने खनिज ब्लॉकों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य में जल्द ही राज्य सरकार सोने के साथ-साथ क्रोमियम-पोटैशियम के खनिज ब्लॉकों का खनन शुरू करवाएगी। खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि जमुई, औरंगाबाद, नवादा सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर निकल, पोटाश, क्रोमियम और सोने के भंडार मिले हैं, जिसका खनन जल्द शुरू होने वाला है। तीन ब्लॉक पोटाश और एक ब्लॉक क्रोमियम निकल का पाया गया है। वहीं जमुई के सोनो प्रखंड में सोना और औरंगाबाद में क्रोमियम के भंडार मिले हैं। दरअसल, पिछले दिनों केंद्रीय खान मंत्रालय ने बिहार को चार खनिज ब्लॉक सौंपे हैं। ये खान क्रोमियम और पोटैशियम के हैं। ये खान सासाराम, रोहतास, गया और औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम को खनिज सर्वे के दस्तावेज सौंपे थे। तब केन्द्र ने 14 राज्यों को विभिन्न खनिजों के 100 ब्लॉक सौंपकर उनसे इनकी जल्द से जल्द नीलामी कराने का आग्रह किया था। जनक राम ने बताया कि बिहार को तीन पोटैशियम के और एक क्रोमियम के ब्लॉक दिये गये हैं। इसमें सासाराम-रोहतास में 10 वर्ग किलोमीटर का नड़वाडीह ब्लॉक, आठ वर्ग किलोमीटर में टीपा खनिज ब्लॉक और शाहपुर में सात वर्ग किलोमीटर का ब्लॉक शामिल हैं। ये तीनों पोटौशियम के ब्लॉक हैं। इसके अलावा औरंगाबाद-गया में क्रोमियम के ब्लॉक हैं। यह आठ वर्ग किलोमीटर का है। क्रोमियम का इस्तेमाल एविएशन सेक्टर और मोबाइल में होता है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन ब्लॉक से संबंधित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करके शीघ्र इनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगी। निश्चित रूप से बिहार को इसका लाभ होगा। मार्च में माइंस एंड मिनरल (डेवलेपमेंट एंड रेग्युलेशन) एक्ट में संशोधन के बाद यह पहला मौका है जब जी-4 स्तर यानी शुरुआती सर्वेक्षण स्तर पर खनिज ब्लॉक की नीलामी की अनुमति दी गई है। अभी तक खनन सर्वेक्षण के चार स्तरों में से जी-4 स्तर का सर्वेक्षण केवल सरकारी एजेंसियां या पीएसयू ही कर सकते थे।

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