सौरिया शिव मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी ।
अशोक यादव (डडंखोरा)
डंडखोरा में महाशिवरात्रि को लेकर शिव मंदिर का रंग रोगन का काम पूरा हो गया है।मंदिर सज धज कर तैयार हो गया है। डंडखोरा प्रखंड के सौरिया में धार्मिक आस्था का केंद्र एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण पुरानी शिव मंदिर अवस्थित है। कटिहार शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर डंडखोरा के सौरिया में अवस्थित प्राचीन शिव मंदिर से राज परिवार कि यादें जुड़ी हुई है। सौरिया राज परिवार द्वारा निर्मित शिव मंदिर प्रखंड के अलावा कटिहार और पूर्णिया जिले के आसपास के कस्बों में भी लोकप्रिय है। वर्ष 1822 में रानी सिद्धिवती द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसका उल्लेख 1905 के पूर्णिया गजेटियर में भी है। यह मंदिर तत्कालीन स्थापत्य कला के अनूठे नमूनों के रूप में आज भी दर्शनीय है। यहां भक्त शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।लोग बताते हैं कि यहां मांगी गई सभी मुरादें पूरी हो जाती है।सावन एवं शिवरात्रि मौकेे पर मिला का भी आयोजन होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।शिव मंदिर में सदियों से प्रत्येक वर्ष सावन और महाशिवरात्रि में मेला लगता है। जहां भगवान शिव के दर्शन करने के लिए प्रतिवर्ष इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन महाशिवरात्रि के मौकेे पर मनिहारी से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करते हैं। सावन महीने में हर सोमवार को श्रद्धालुओं का जत्था दूर-दूर से मंदिर पहुंचते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं। यह शिव मंदिर डंडखोरा प्रखंड मुख्यालय से करीब 4 किलोमीटर दूर स्टेट हाईवे 98 के बगल में अवस्थित है। सौरिया पंचायत के कई ग्रामीणों का कहना है कि ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टिकोण से इस मंदिर का काफी महत्व रहा है। दो सौ वर्ष पुराने इस मंदिर की देखरेख के लिए गांव के समिति द्वारा कार्य किया जाता है।
