बिहार एवं पश्चिम बंगाल सीमा को लेकर दोनों राज्य के बीच किया गया मापी
प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गौरीपुर पंचायत के वार्ड संख्या छह दिल्ली दिवानगंज के समीप सड़क किनारे अतिक्रमण कार्यो का कब्जा कई वर्षो से जमा हूआ था।उक्त अतिक्रमण को ख़ाली करने को लेकर ग्रामीणों द्वारा कटिहार लोक अदालत में आवेदन दिया गया था। जिसको जांच पड़ताल करते हुए, कटिहार लोक अदालत ने अतिक्रमणकरीयो को नोटिस जारी किया था।लेकिन कई नोटिस जारी करने के बावजूद भी अतिक्रमणकारियों द्वारा खाली नहीं किया गया। जिसको लेकर लोक अदालत ने अतिक्रमण हटाने का आदेश वरिया दंडाधिकारी नलिनी कांत व राजस्व पदाधिकारी रत्नेश मोहन को दिया। वही वरीय डंड अधिकारी नलिनी कांत ने बताया कि कटिहार लोक अदालत में कई वर्षो से अतिक्रमण हटाने का मामला चल रहा था। कई दिन पूर्व अतिक्रमण को हटाया गया था।जिसको लेकर पश्चिम बंगाल के कुछ राजनीतिक दलों के द्वारा आरोप लगाया गया था की यह पश्चिम बंगाल के सीमाने पर बैठे हुए हैं।जिसको लेकर कई दिनों से बिहार और पश्चिम बंगाल सीमा को लेकर विवाद चल रहा था।वही उक्त विवाद को लेकर शुक्रवार को बिहार राज्य के कटिहार जिला सदर डीसीएलआर सुधांशु शेखर ने बताया कि पश्चिम बंगाल एवं बिहार सीमा को लेकर मापी दोनो राज्य के अधिकारी द्वारा किया जा रहा है।उक्त मापी में मनिहारी डीसीएलआर रवि कांत सिन्हा, प्राणपुर अंचल अधिकारी नलिनी कांत,अंचल अमीन सुबोध कुमार,एवं सदलीचक अंचल अधिकारी सुरोजीत, व पश्चिम बंगाल जिला मालदाह के टी ओ,अमीन महमूद आलम सहित कई अन्य अधिकारी के द्वारा मापी कराया गया।लेकिन शाम तक फायनल मापी नहीं होने पर 28 मई 2022 को दुबारा मापी का डेट निर्धारित किया गया। मौके पर रोशना ओपी प्रभारी राजेश कुमार, एवं कुमेदपुर ओपी प्रभारी ज्ञासुद्दीन सहित दोनों थाना के पुलिस बल व दर्जनों ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
