May 26, 2026

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परभैली में स्मार्ट क्लास से छात्रों का बढ़ रहा है बौद्धिक क्षमता

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प्रवीण कुमार (कटिहार)

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परभैली में वर्ग 9 एवं 10 के छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास की पढ़ाई बेहतरीन ढंग से शिक्षक शिक्षिकाओं के द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्राचार्य रामनारायण यादव ने बताया कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है। जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं। कक्षाएं प्रशिक्षण केंद्र है। जहां लोग इन हथियारों का उपयोग करना सिखाते है। ज्ञान सफलता की कुंजी है और इसे प्राप्त करने के लिए कक्षाएं आवश्यक है।प्राचार्य राम नारायण यादव ने कहा कि स्मार्ट क्लास एक डिजिटल क्लासरूम है, जो स्कूल का एक उन्नत रूप है। जो दक्षता में सुधार के लिए शिक्षण के विभिन्न तरीके का पालन करता है। वह सीखने के लिए बेहतर माहौल प्रदान करने की दिशा में काम करते हैं। और एक स्वस्थ कक्षा को प्राथमिकता देते हैं। यहाँ अध्ययनरत छात्र सीखने में रुचि रखते हैं। इस तरह की कक्षा अपने छात्रों को आकर्षित करके और उन्हें व्यस्त रखने के लिए वीडियो और ऑडियो जैसी डिजिटल शिक्षण विधियां का प्रयोग सिखाया जाता है। यह प्रयोग के लिए आभासी, वास्तविकता का उपयोग करने जैसे कुछ उन्नत तकनीकी गति वीडियो भी प्रदान किया जाता है। तकनीकी छात्र को अवधारणाओं को बहुत अच्छी तरह से समझने और जानने में मदद करती है। उन्हें हमारे दैनिक जीवन में कैसे लागू किया जा सकता है।एक स्मार्ट क्लास के कई लाभ है। इसलिए पिछले कुछ वर्षों से कितने प्रसिद्धि प्राप्त की है। शिक्षा प्रणाली स्मार्ट क्लास के उसे उन्नत रूप के साथ आराम दे और प्रामाणिक शिक्षण पद्धति को बदलने की शिक्षा का काम कर रही है। विद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार, रुचि कुमारी आर्या, फरहाद जहां सहित अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं स्मार्ट क्लास नियमित रूप से करते हैं। स्मार्ट क्लास में क्लास करने वाली छात्राएं पूनम कुमारी, शिल्पा कुमारी, गुंजा कुमारी, खुशी कुमारी,अंजली कुमारी, श्रुति कुमारी, रूपा कुमारी, नेहा कुमारी, पूर्णिमा कुमारी, इशरत परवीन, मनीषा कुमारी, सीमा कुमारी,छात्र मरगूब आलम, मोहम्मद कासिम, तुफैल अहमद, मोहम्मद रब्बानी, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार, अनवर जमा, अंश कुमार, गुलाम सरवर, प्रीतम कुमार, मधुसूदन कुमार ने बताया कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास की पढ़ाई से हम लोग संतुष्ट हैं और नियमित रूप से हम लोग क्लास करते हैं। प्राचार्य रामनारायण यादव के द्वारा विद्यालय का सर्वांगिंण विकास करने की रूप रेखा तैयार किया गया और इन्होंने तैयार रूपरेखा के आधार पर विद्यालय का सर्वांगीण विकासात्मक कार्य करना प्रारंभ कर दिया। इन्होंने सबसे पहले विद्यालय में स्वच्छता अभियान चलाकर विद्यालय कक्षा से लेकर शौचालय तक की नियमित सफाई करने की परंपरा प्रारंभ की। विद्यालय के चार दिवारी को ऊंचा कराया गया। विद्यालय के भवन को रंग रंग कर चमचमाता भवन बनाने का कार्य किया। इन्होंने शिक्षक को समय पर विद्यालय में आने और विद्यालय में ठहराव की भी व्यवस्था की। इन्होंने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में काफी वृद्धि कराई और पठन-पाठन नियमित रूप से विषय वार करना प्रारंभ किया। जिसके कारण विद्यालय की दशा और दिशा में काफी परिवर्तन हो गया। उनके कार्य कलाप से छात्र-छात्राएं के अलावे ग्रामीण भी काफी प्रशंसा कर रहे हैं। प्राचार्य रामनारायण यादव के विद्यालय के प्रति समर्पण की भाव रहने के कारण विद्यालय में प्रतिनियुक्ति शिक्षक असित लाल यादव, शंभू मंडल, बदरू जमा, प्रियंका सिंह, बीबी शबनम, निखत प्रवीण, संजीव कुमार, राजेश कुमार, शहादा प्रवीण, मधु कुमारी, प्रभाकर राय, नवीन कुमार, नगमा, फरहत जहां, सुनीता कुमारी, रूचि कुमारी, ममता कुमारी, रक्षा कुमारी, उज्जवल कुमार, मनोज कुमार मंडल, नाजिया प्रवीण, सीमा कुमारी सहित अन्य कर्मचारियों ने भी इनका सहयोग करना प्रारंभ कर दिया। विद्यालय में शिक्षिक-शिक्षिकाओं के द्वारा नियमित रूप से वर्ग 1 से 12वीं तक की पठन-पाठन गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन किया जा रहा है।और विधालय को आगे बढा़ने सहयोग कर रहे है। इसके अलावे विद्यालय में स्मार्ट क्लास की भी व्यवस्था की गई है। कंप्यूटर की शिक्षा की भी पढ़ाई विद्यालय में प्रारंभ हो गई है। कंप्यूटर शिक्षि का ममता कुमारी, इंस्टेक्टर इमरान के द्वारा नियमित रूप से छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है। स्मार्ट क्लास शिक्षक नवीन कुमार के द्वारा नियमित स्मार्ट क्लास दी जा रही है। प्राचार्य रामनारायण यादव ने विद्यालय में प्रत्येक शनिवार को सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों को आग लगने से बचाव, भूकंप की स्थिति में बचाव सहित आदि कई विषयों की जानकारी दी जाती है। प्राचार्य राम नारायण यादव ने विद्यालय में स समय चेतना सत्र भी चलाया जाता है। प्रत्येक दिन विद्यालय में प्रार्थना, अभियान गीत, परेड, खेलकूद, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।जिसका संचालन शिक्षक संजीव कुमार के द्वारा किया जाता है। उत्क्रमण उच्च माध्यमिक विद्यालय परभैली में सीआरसी का भी संचालन किया जाता है। प्राचार्य राम नारायण यादव ने बताया कि विद्यालय की स्थापना 1953 में की गई है। विद्यालय एक एकड़ जमीन पर निर्मित है। विद्यालय को एक एकड़ का खेल का मैदान भी उपलब्ध है। विद्यालय में कुल 25 कमरे का दो मंजिला भवन है। जिसमें मध्य विद्यालय के संचालन के लिए 15 कमरे हैं। उच्च विद्यालय एवं टेन प्लस टू के संचालन के लिए 10 कमरे हैं। विद्यालय में कल 1034 छात्राओं का नामांकन है। जिसमें 80 से 90% छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर पठन-पाठन करते हैं। प्राचार्य श्री यादव ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व इस विद्यालय की दशा और दिशा ठीक नहीं थी। यहां स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता था। ना बच्चों की नियमित रूप से उपस्थित एवं पठन-पाठन की सुंदर व्यवस्था नहीं रहने के कारण बच्चों की उपस्थिति में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। लेकिन आज के दिन छात्र-छात्राएं 80 से 90% नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। और पठन-पाठन में भाग लेते है। प्राचार्य श्री यादव ने कहा कि टेन प्लस टू इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रारंभ कर दी गई है। नए सत्र का नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।इस विद्यालय से जो मैट्रिक उत्तीर्ण हुए छात्र हैं। उनका नामांकन के साथ-साथ अन्य विद्यालय के छात्राओं के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल ऑनलाइन किया जा रहा है। जल्दी ही क्लास प्रारंभ कर दी जाएगी। इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए 6 शिक्षक शिक्षिका की नियुक्ति हुई है। जिसमें ममता कुमारी, रक्षा कुमारी, उज्जवल कुमार, मनोज कुमार मंडल, नाजिया प्रवीण, सीमा कुमारी शामिल है। प्राचार्य श्री यादव ने कहा कि टेन प्लस टू विद्यालय भवन का रंग-रोगन कर पठन-पाठन सुचारू रूप से प्रारंभ कर दी गई है।कंप्यूटर कक्षा सुचारू रूप से संचालित की जा रहा है। विषय वार शिक्षक तथा घंटी बार पढ़ाई किया जाता है। छात्र पोशाक में विद्यालय आना प्रारंभ हो गया है। विद्यालय में स्वच्छता अभियान चलाते हुए नियमित रूप से सफाई की जाती है। सभी वर्ग में दरी बेंच डेक्स की व्यवस्था कर दी गई है। मध्यान भोजन सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।खेल मैदान का जो भी विवादित मामला था, उन्हें सुलझाने का कार्य किया गया है। इस प्रकार प्रधानाध्यापक का मानना है कि विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा अगर विद्यालय में फिजिकल शिक्षक, संस्कृत, गणित विषय का शिक्षक की प्रतिनियुक्ति हो, पुस्तकालय में पुस्तकालय अध्यक्ष, प्रयोगशाला के लिए इंस्टेक्टर, स्कूल का खेल मैदान में मिट्टी भरने की जरूरत है।

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