तेज हवा और बारिश से ईंट भट्ठा उद्योग को भारी नुकसान, लाखों की कच्ची ईंटें हुई बर्बाद
हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में बीते दिनों से बदलते मौसम ने किसानों के साथ-साथ छोटे तथा बड़े उद्योगों की भी कमर तोड़ दी है। मंगलवार शाम को आई तेज हवा और भारी बारिश ने क्षेत्र के जगरनाथपुर पंचायत के बघूवाकोल ईंट भट्ठा संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रही बारिश और तेज आंधी के कारण भट्ठों में तैयार की गई लाखों कच्ची ईंटें भीगकर खराब हो गईं, जिससे संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ईंट भट्ठा संचालक एस स्वस्तिक एस ईंट उद्योग के संचालक संजय सिंह ने बताया कि इस वर्ष मौसम की बेरुखी ने उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि दीपावली के समय भी करीब दो लाख कच्ची ईट का नुकसान हुआ था। इसके बाद बीच-बीच में रुक-रुक कर हुई बारिश से काम प्रभावित होता रहा। अब मंगलवार को तेज हवा और भारी बारिश ने हालात और खराब कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि भट्ठे पर पकाने के लिए करीब दो लाख कच्ची ईंटें ढेर में रखी गई थीं, लेकिन अचानक हुई बारिश में सभी ईंटें भीगकर खराब हो गईं। कच्ची ईंटों के भीग जाने से उन्हें दोबारा तैयार करना पड़ेगा, जिससे मजदूरी, मिट्टी, कोयला और अन्य खर्च बढ़ जाएंगे। इससे उद्योग संचालकों को लाखों रुपये का अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ेगा। बताया कि इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे नुकसान का असर अब बाजार पर भी पड़ेगा और आने वाले दिनों में ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। स्थानीय ईंट भट्ठा संचालकों का कहना है कि लगातार खराब मौसम के कारण मजदूरों का काम भी प्रभावित हो रहा है। कई मजदूरों को रोज़गार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने भी रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं निर्माण कार्यों पर भी इसका असर पड़ने लगा है, क्योंकि ईंटों की सप्लाई बाधित हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक आई तेज आंधी और बारिश से खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। खासकर मक्का और सब्जी की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। मौसम की मार से किसान और छोटे उद्योग दोनों परेशान हैं। ईंट भट्ठा संचालकों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह मौसम खराब रहा तो आने वाले दिनों में उद्योग को और भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
