कटिहार के सीमांचल मेट्रो अस्पताल में मकर संक्रांति उत्सव का भव्य आयोजन
डॉ.रमण कुमार एवं डॉ. मोनालिसा झा ने दही,चूड़ा,तिल युक्त मिठाई परोस कर खिलाया
प्रवीण कुमार झा(कटिहार)
कटिहार शहर स्थित सीमांचल मेट्रो अस्पताल में मकर संक्रांति उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव का संचालन डॉक्टर रमन कुमार एवं डॉ मोनालिसा झा ने किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी व कर्मचारी, अधिवक्ता, पत्रकार व गणमान्य लोग भाग लिये।उत्सव में आए हुए आगंतुकों को डॉक्टर रमन कुमार एवं डॉ मोनालिसा झा ने दही, चूड़ा के साथ-साथ तिल युक्त कई मिठाई परोस कर बड़े ही नाम निष्ठा के साथ खिलाया। इस अवसर पर डॉक्टर अनामिका पांडेय, डॉक्टर आभा कुमारी, अमित वर्मा, दानिश, शमशाद, बबीता कुमारी, मोहम्मद आशिक, प्रदीप शर्मा ने भी अपनी अपनी भूमिका निभाया। डॉक्टर रमन कुमार ने कहा कि लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले मनाया जाता है। आम तौर पर इस पर्व किसी खुले स्थान में परिवार एवं आस-पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बनाकर बैठते हैं तथा इस समय दही,चुड़ा, तिल युक्त मिठाई,तिल युक्त खिचड़ी आदि खाकर पर्व मनाते हैं।डॉ मोनालिसा झा ने कहा कि लोहड़ी से संबद्ध परंपराओं एवं रीति-रिवाजों से ज्ञात होता है कि प्रागैतिहासिक गाथाएँ भी इससे जुड़ गई हैं। दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में ही यह अग्नि जलाई जाती है। इस अवसर पर विवाहिता पुत्रियों को माँ के घर से ‘त्योहार’ (वस्त्र, मिठाई, रेवड़ी, फलादि) भेजा जाता है। यज्ञ के समय अपने जामाता शिव का भाग न निकालने का दक्ष प्रजापति का प्रायश्चित्त ही इसमें दिखाई पड़ता है। डॉ अनामिका पांडेय ने कहा किबालक एवं बालिकाएँ ‘लोहड़ी’ के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे करते हैं। संचित सामग्री से चौराहे या मुहल्ले के किसी खुले स्थान पर आग जलाई जाती है। मुहल्ले या गाँव भर के लोग अग्नि के चारों ओर आसन जमा लेते हैं। डॉ आभा कुमारी ने कहा किजिन परिवारों में लड़के का विवाह होता है अथवा जिन्हें पुत्र प्राप्ति होती है।उनसे पैसे लेकर मुहल्ले या गाँव भर में बच्चे ही बराबर बराबर रेवड़ी बाँटते हैं।
