सेव द चिल्ड्रन द्वारा आयोजित दो दिवसीय किशोरी एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण पर चल रही कार्यशाला का समापन हुआ
आशीष कुमार
सेव द चिल्ड्रन द्वारा आयोजित दो दिवसीय किशोरी एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण पर चल रही कार्यशाला का समापन हुआ l इस समापन के मौके पर मोहनपुर प्रखंड के विभिन्न गाँव से आई किशोरी एवं युवा महिलाओं ने अतिथियों के सामने अपना मांग पत्र रखा । यह मांग पत्र चार हिस्सों में विभाजित था । पहला – शिक्षा और रोजगार, दूसरा – व्यवसायिक शिक्षा और रोजगार, तीसरा- स्वरोजगार, चौथा -कृषि एवं अन्य परंपरागत व्यवसाय | यह मांग किशोरियों ने बहुत सारी समस्याओं के मंथन के बाद लिखा | मौके पर आए मुख्य अतिथि- श्री देवेश कुमार एडीसीपी जिला बाल संरक्षण इकाई , गया के सामने रखी |श्री देवेश कुमार ने सभी किशोरियों का हौसला बढ़ाया और कहा कि सभी मांगे जायज है ,और इसे पूरा करने का प्रयास हम जरूर करेंगे |लेकिन सरकार की भी कुछ सीमाएं हैं ,जिसके अंतर्गत हमें कार्य करना पड़ता है| परंतु मैं अपने स्तर से सभी मदद के लिए तैयार हूं| मौके पर आए जीविका के सामाजिक विकास प्रबंधक ,श्री राजेश कुमार ने कौशल विकास के संबंध में जीविका के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया| जिसमें डी डी यू जी के वाई तथा अन्य कौशल विकास की योजनाएं शामिल थी |उन्होंने किशोरियों से कहा कि मदद के लिए नजदीक जीविका कार्यालय से संपर्क करें |सेव द चिल्ड्रन के बिहार स्टेट हेड राफे एजाज हुसैन ने कहा कि मुद्दे किशोरियों के हैं, तो उन्हें ही आगे आना पड़ेगा तभी उनका अधिकार उनको मिलेगा |जो इनके मांग पत्र हैं वह विभिन्न विभागों में तथा राजनीतिक प्रतिनिधियों को भेजा जाएगाl सेव द चिल्ड्रन अगले 3 साल तक युवा सशक्तिकरण पर कार्य करेगा| भाग ले रही किशोरियों ने अपनी आवाज को बुलंद करते हुए विभिन्न समस्याओं की ओर अतिथियों का ध्यान खींचा तथा अपने सशक्तिकरण का परिचय दिया l उन्होंने यह नारा दिया – ” जिसका मुद्दा उसकी लड़ाई, जिसकी लड़ाई उसकी अगुवाई ” |समग्र सेवा केंद्र के सचिव श्री छेदी प्रसाद ने उपस्थित सभी अतिथि और किशोरियों का धन्यवाद ज्ञापन किया । मौके पर उपस्थित सेव द चिल्ड्रन के ब्रजेश्वर प्रसाद मिश्रा, दीपक कुमार, विपिन कुमार ,पीयूष कुमार ,रिंकी रावत, गजाला शाहीन, रंजना कुमारी, मनीषा कुमारी, शिराज़ शब्बीर, राकेश कुमार ,शशि भूषण ,राम रूप कुमार अमित कुमार और क्रांति कुमार ।
