May 25, 2026

जवान लड़कियों की पसंद बूढ़े आशिक mp में जरूरत पूरी करने बुजुर्गों से रिलेशन का चलन बढ़ा

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कमसिन लड़कियों को अब उम्रदराज पसंद आने लगे हैं। इससे उनकी फाइनेंशियल के साथ बाकी जरूरतें भी पूरी हो जाती हैं। वेस्टर्न कल्चर में इसे शुगर डैड, शुगर मॉम और शुगर बेबी कहा जाता है। एशियन कंट्रीज में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। ये कल्चर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के बड़े शहर इंदौर-भोपाल में ये कल्चर हावी है।

परिवारों में बिखराव के हालात बन गए...भोपाल के 59 साल के रामकुमार सिंह (परिवर्तित नाम) बिजनेसमैन होने के साथ ही राजनीति में एक्टिव हैं। उनके गांव की 23 साल की युवती पढ़ाई करने भोपाल आई। चूंकि, वे उसके परिचित हैं, इसलिए परिवार की सहमति से उनकी देखरेख में पढ़ाई करने लगी। रामकुमार ने उसे फाइनेंशियल सपोर्ट करने के साथ ही उसकी सभी जरूरतों का ध्यान रखा। उनके बीच रिलेशन भी बनने लगे। करीब दो साल से ज्यादा गुजर गया। इस बीच लड़की के घरवालों तक खबर पहुंच गई। इससे रामकुमार और लड़की डिप्रेशन में आ गए। परिवारों में बिखराव की स्थिति बन गई। मामला डॉक्टर के पास पहुंचा, तो काउंसिलिंग के बाद दोनों सहमति से अलग होकर रह रहे हैं।

ऑफिस असिस्टेंट रखा, फिर रिलेशन बनने लगे...इसी तरह, 55 साल के श्यामेन्द्र ऑटोमोबाइल बिजनेसमैन हैं। उनकी सोशल मीडिया के जरिए 24 साल की युवती से पहचान हुई। वह नागपुर की रहने वाली है। युवती साधारण परिवार की है, लेकिन ख्वाब रईसों जैसी जिंदगी गुजारने के थे। लिहाजा, श्यामेन्द्र के साथ बतौर शुगर बेबी रिलेशनशिप में आ गई। श्यामेन्द्र ने उसकी हर जरूरत का ध्यान रखते हुए उसे भोपाल बुलाया। अपने ऑफिस में असिस्टेंट बना लिया। दोनों की उम्र में काफी अंतर था। लिहाजा, किसी को शक नहीं हुआ। रिलेशनशिप करीब तीन साल चली। इस दौरान युवती श्यामेंद्र से इमोशनली अटैच हो गई। वह श्यामेन्द्र को छोड़ने को राजी नहीं हुई। अब डॉक्टर उसकी काउंसिलिंग कर रहे हैं। लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप के कारण शुगर डैडी की फैमिली संकट में पड़ गई है।…ये महज दो उदाहरण हैं। आखिर क्या है ये कल्चर, कैसे समाज के उम्रदराज लोग खासकर रईस वर्ग इससे प्रभावित हो रहा है। क्या हैं इसके नुकसान? आइए समझते हैं भोपाल के सेक्स एजुकेटर डॉ. यशवंत धावले से…

कौन होते हैं शुगर डैडी? …. सेक्स एजुकेटर डॉ. यशवंत बताते हैं कि शुगर डैडी उम्रदराज ऐसे लोगों को कहा जाता है, जो आर्थिक रूप से काफी संपन्न होते हैं। ये ऐसी सेफ रिलेशनशिप में रहना पसंद करते हैं, जिसमें लड़की की उम्र आधी से भी कम हो। उन्हें सामाजिक तौर पर दिक्कत महसूस न हो। इसमें रिच ओल्डमैन को शुगर डैडी और यंगस्टर गर्ल को शुगर बेबी कहा जाता है। शुगर डैडी अपनी बेबी की पढ़ाई-लिखाई, रूम रेंट, गाड़ी, रिचार्ज, शॉपिंग का जिम्मा संभालते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि ये म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग से शॉर्टटर्म रिलेशनशिप होती है। इसमें कुछ समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद शुगर डैडी और शुगर बेबी एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं, लेकिन यदि रिलेशनशिप लंबे समय तक चली तो इसके साइड इफेक्ट भी होने लगते हैं।

जानिए, शुगर डैडी और बेबी का कॉन्सेप्ट— शुगर रिलेशनशिप को स्ट्रेस ​​​​में चल रहे प्रोफेशनल्स के लिए बेस्ट माना जाता है। इसकी तुलना प्रॉस्टिट्यूशन से नहीं की जा सकती। यह सामान्य रिश्ते की तरह ही होता है, लेकिन इसमें फाइनेंशियल पक्ष को ज्यादा महत्व दिया जाता है। शुगर डैडी वह शख्स होता है, जो डेटिंग पर समय खराब करने के बजाय अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड पर खूब पैसे और सुविधाएं लुटाता है। आमतौर पर अमीर बिजनेसमैन शुगर डैडी की भूमिका निभाते हैं। शुगर बेबी वे लड़कियां होती हैं, जो हाई-फाई लाइफ स्टाइल मेंटेन करने के लिए इनका सहारा लेती हैं।

Source:– दैनिक भास्कर , लेखक: विजय सिंह बघेल https://dainik-b.in/ILF4HlpxYqb

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