बारसोई प्रखंड में भी रविवार की जगह शुक्रवार को बंद रहते हैं 23 विद्यालय ।
विभागीय पदाधिकारी ने कहा कि इसी व्यवस्था में वर्षों से चल रही है विद्यालय ।
जुम्मे के दिन विद्यालय में छुट्टी को लेकर मामला अब तुल पकड़ता जा रहा है। सीमांचल के विद्यालय में साप्ताहिक बंदी को लेकर मदरसा मॉड्यूल पर अब चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है । कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज,अररिया में ऐसे कई विद्यालय हैं जो बिहार सरकार द्वारा संचालित होने के बावजूद यहां पर मदरसा के तर्ज पर साप्ताहिक छुट्टी के रूप में शुक्रवार को विद्यालय में बंदी और उसकी जगह पर रविवार को विद्यालय खुला रहता है। जानकारी अनुसार कटिहार जिले में भी 138 विद्यालयों में शुक्रवार को छुट्टी के बदले रविवार को खुलते हैं विद्यालय। जिसमें बारसोई प्रखंड के 23 विद्यालय शामिल हैं।
दरअसल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मोमताज अहमद से मिली जानकारी अनुसार 1976 से पहले यह सभी विद्यालय कमेटी द्वारा संचालित होता था और उस समय के आधार पर 1976 में विद्यालयों को सरकारी करण होने के बाद भी यह परंपरा जारी रही। बड़ी बात यह है कि 2009 में राइट टू एजुकेशन लागू होने के बावजूद विद्यालयों को साप्ताहिक बंदी को लेकर कोई ठोस दिशा निर्देश नहीं होने के कारण साप्ताहिक बंदी को लेकर इन विद्यालयों में शुक्रवार वाला मॉड्यूल भी जारी रहा।
BJP इस मामले को गंभीरता से उठा रहा है जबकि JDU बहुत बड़ा मामला नहीं मानता है।
ज्ञात हो कि इस फैसले को लेकर एक तरफ जहां हिंदी विद्यालय के सप्ताहिक छुट्टी को लेकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में विद्यालय पर मनमर्जी नियम थोपने का आरोप लग रहा है। वहीं कुछ लोग सवाल यह भी उठा रहे हैं कि जब वर्षों से यह परंपरा चले आ रहा है तो अचानक इस पर इतना हाय तौबा क्यों…? बता दें कि यह मामला पहले झारखंड में सामने आया था और बवाल होने पर जांच के आदेश दिए गए हैं। वही बिहार में भी शिक्षा मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
