रेलवे ने पिछले 6 माह में प्रीमियम तत्काल से कमाए 577 करोड़ रूपए, घाटे की भरपाई कर रहा रेलवे
मोदी सरकार के सफल नेतृत्व रेलवे ने कोरोना काल में हुए घाटे की धीरे-धीरे भरपाई शुरू कर दी है।भारतीय रेलवे (Indian Railway) को तत्काल प्रीमियम (Premium Tatkal) से पिछले छह माह में 577 करोड़ रुपये की कमाई (earning) हुई है।कोरोना से पहले इस मद से रेलवे को तीन गुना कमाई की थी।पिछले छह माह की कमाई को देखते हुए यह लगभग तय है कि तत्काल प्रीमियम से इस वर्ष कमाई रेलवे को कुल कमाई 1000 करोड़ से अधिक की होगी।यानी रेलवे धीरे धीरे मुनाफे की ओर बढ़ रही है।
रेलवे द्वारा कुछ कुछ चुनिंदा ट्रेनों की पहचान की गयी है, जिनकी मांग अधिक है, इन ट्रेनों में तत्काल कोटे के के तहत मौजूदा सीटों को 50 फीसदी प्रीमियम तत्काल कोटा के रूप में निर्धारित किया गया है और इसे परिवर्तनशील मूल्य पर बुक किया जा रहा है। यानी जैसे जैसे सीटें कम होती जाएंगी, किराया बढ़ता जाएगा. यह एक स्लैब आधारित किराया योजना है, जहां 10 फीसदी सीटों के प्रत्येक स्लैब के बाद किराया 20 फीसदी बढ़ जाता है और यह अधिकतम तत्काल किराया का तीन गुना हो सकता है।
रेलवे को पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक कमाई होगी.संसद में रेलवे मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार रेलवे की प्रीमियम तत्काल से कोरोना से पहले यानी वर्ष 2019-20 में 1660 करोड़ की कमाई हुई है। वहीं कोरोना की पहली लहर के दौरान 355 करोड़ रुपये और 2021-22 में 726 करोड़ रुपये की कमाई हुई है।इस वर्ष जून तक 577 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है।
तत्काल कोटे की तरह, प्रीमियम तत्काल कोटा अग्रिम आरक्षण अवधि से केवल एक या दो दिन पूर्व बुक किया जाता है, इसलिए प्रीमियम तत्काल कोटे के तहत बुक किए गए कन्फर्म टिकट के लिए किराए का कोई रिफन्ड नहीं दिया जाता है। बहरहाल, गाड़ियों के रद्द होने, आंशिक रूप से कन्फर्म सीट वाले आरक्षण आदि के मामले में नियमानुसार रिफन्ड प्रदान किया जाता है।
