फाइलेरिया मुक्त अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
कुरसेला प्रखंड कार्यालय परिसर में फाइलेरिया मुक्त अभियान एवं सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की सफलता को लेकर प्रखंड स्तरीय कोर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीडीओ कुमारी प्रियंबदा ने की। इस दौरान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि कुरसेला प्रखंड में कुल 71,845 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 22 फरवरी तक 46,531 लाभार्थियों को दवा खिलाई जा चुकी है। शेष बचे लोगों को 27 फरवरी तक हर हाल में लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमर लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, जो क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलती है। संक्रमण के 10 से 15 वर्षों बाद इसके लक्षण हाथीपांव या हाइड्रोसील के रूप में दिखाई देते हैं। वर्तमान में कुरसेला प्रखंड में फाइलेरिया के 332 मरीज चिह्नित हैं।उन्होंने बताया कि इससे बचाव का एकमात्र उपाय साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना है। हालांकि 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं लेनी है। जिन लोगों के शरीर में माइक्रो फाइलेरिया के कीटाणु होते हैं, उन्हें दवा सेवन के बाद सिरदर्द या उल्टी जैसी हल्की समस्या हो सकती है। इसके लिए रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है।स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर अपने सामने दवा खिला रही है। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य कर्मियों के सामने दवा का सेवन करें। लगातार 4 से 5 वर्षों तक वर्ष में एक बार दवा सेवन कर प्रखंड और जिले को इस लाइलाज बीमारी से मुक्त किया जा सकता है।बैठक में बीपीआरओ शांतनु ठाकुर, सीडीपीओ विभा कुमारी, बीपीएम धीरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक मुकेश कुमार, अभय कुमार झा, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर सपन कुमार साह, पिरामल प्रतिनिधि अमित कुमार, महिला पर्यवेक्षिका रिंकी कुमारी, मोनालिसा बंदोपाध्याय, सुबोध कुमार एवं विनय कुमार झा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
