कोठी टोला बड़ी नहर कचरे से पटी, किसानों की सिंचाई व्यवस्था ठप।
हसनगंज (मो० तनवीर)
हसनगंज प्रखंड स्थित कोठी टोला बड़ी नहर की स्थिति बदहाल हो चुकी है। किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत रही यह नहर अब कचरे, गंदगी और जंगली झाड़ियों से भर गई है। नहर में कई जगह घने जंगल उग आए हैं, जिसके कारण पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित है। विभाग द्वारा लंबे समय से नहर में पानी भी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसानों को पटवन के लिए गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय बाजार के लोग नहर का उपयोग कूड़ा फेंकने के स्थान के रूप में कर रहे हैं। जागरनाथपुर पंचायत के कोठी टोला गांव समीप नहर पुलिया के नीचे पूरी तरह कचरे से पट चुकी है। इससे दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि इस गंदगी से महामारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। राहुल कुमार, मनोज कुमार, विकास कुमार, सीता देवी, अशोक कुमार, रवि महतो, कैलाश महतो, सीताराम महतो सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि नहर का हाल अत्यंत खराब है और कचरे की दुर्गंध उनके लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। नहर के ऊपर से गुजरने वाली मुख्य सड़क बाजार और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है, जहां से रोज हजारों लोगों का आना-जाना होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने की बात तो करती है, लेकिन सिंचाई व्यवस्था दयनीय होने के कारण खेतों में हरियाली लाना संभव नहीं है। किसानों ने कई बार सिंचाई विभाग से नहर की सफाई और कचरा फेंकने वालों पर रोक लगाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नहर में कचरा न डालने और सफाई को लेकर किसी भी स्थानीय अधिकारी द्वारा जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही नहर की सफाई नहीं कराई गई, तो क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा। स्थानीय लोगों ने उच्च अधिकारियों से इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि नहर की सफाई हो सके, सिंचाई व्यवस्था सुधरे और किसानों को राहत मिल सके। वर्तमान में कभी सिंचाई के लिए वरदान रही यह नहर अब सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है, जहां बाजार और अन्य जगहों से लगातार कचरा फेंका जा रहा है।
