June 19, 2026

कन्याकुमारी में चतुर्थ पूर्व एसजीवी राष्ट्रीय समागम संपन्न:सेवा, संस्कृति और समरसता का भव्य संगम

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देश के विभिन्न राज्यों से 90 एसजीवी सदस्यों ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने मिथिला के गणवेश में अपनी प्रस्तुति दी।

(प्रवीण कुमार कटिहार/कन्याकुमारी)

कन्याकुमारी में 4 फरवरी 2026 को चतुर्थ पूर्व एस.जी.वी भारत स्काउट स्वयं सेवक का राष्ट्रीय समागम भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तीन सागरों के संगम स्थल कन्याकुमारी में आयोजित इस समागम ने सेवा,मानवता, सांस्कृतिक एकता और विश्व बंधुत्व की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया। देश के विभिन्न राज्यों और रेलवे जोनों से आए लगभग 90 एसजीवी सदस्यों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी के प्रभारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण कराते हुए कहा कि “सेवा ही सच्ची साधना है और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार चरित्रवान नागरिक हैं।” उन्होंने एसजीवी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्काउट–गाइड आंदोलन युवाओं और समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि समागम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, साउथर्न रेलवे, नार्थ ईस्ट रेलवे सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे, जिनमें भारत की विविधता और एकता का सुंदर चित्रण देखने को मिला। लोकनृत्य, देशभक्ति गीत, पारंपरिक वेशभूषा और समूह गायन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि मध्यप्रदेश की ओर से पूर्व एसजीवी सदस्यों विनोद शर्मा, गोपी चंद शर्मा, रवि कुलश्रेष्ठ, शीराज़ क़ुरैशी, विजय मिश्रा, दीपाली कुलश्रेष्ठ, ज्योति सिकरवार एवं मीनाक्षी शर्मा ने सहभागिता करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सेवा परंपरा को मंच पर प्रस्तुत किया। उनके नेतृत्व में प्रस्तुत कार्यक्रम ने मध्यप्रदेश की सामाजिक समरसता, लोकसंस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल,बिहार और उत्तर प्रदेश की टीमों ने भी अपनी-अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं और लोकजीवन की झलक दिखाई। वहीं साउथर्न रेलवे और नार्थ ईस्ट रेलवे की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि एसजीवी केवल भौगोलिक या प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि एक अखिल भारतीय परिवार है।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि इस समागम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि पुराने साथियों के बीच दशकों पुरानी मित्रता को पुनर्जीवित करना और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनना भी था। सेवा, अनुशासन और समर्पण के मूल सिद्धांतों पर आधारित एसजीवी आंदोलन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि समाज के हर वर्ग को जोड़कर राष्ट्रहित में कार्य किया जा सकता है।कटिहार के राजेश कुमार वर्मा एवं गणेश कुमार ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सेवा और सामाजिक समरसता के संकल्प को दोहराया। कन्याकुमारी में संपन्न यह चतुर्थ पूर्व एसजीवी समागम न केवल एक आयोजन रहा, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता,आध्यात्मिक चेतना और विश्व बंधुत्व की भावना का सशक्त संदेश बनकर उभरा, जो आने वाले वर्षों तक प्रेरणा देता रहेगा। इस कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन भी किया गया ,बिहार राज्य के आटास सदस्य गणेश कुमार ठाकुर एवं राजेश कुमार वर्मा पूर्व एस.जी. वी.ने मिथिला के गणवेश में कार्यक्रम शामिल हो कर अपनी प्रस्तुति दी और बिहार राज्य कि ओर से सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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