September 26, 2026

डायबिटीज से बढ़ता है मोतियाबिंद का खतरा, लापरवाही से जा सकती है आंखों की रोशनी _ डॉ० शफीउल्लाह

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मो0 सनाउल्लाह(बारसोई)

आंखें मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और अनमोल अंग हैं। आंखों की रोशनी में थोड़ी सी भी कमी दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और उचित उपचार बेहद जरूरी है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज से पीड़ित लोगों में मोतियाबिंद होने की संभावना भी बढ़ जाती है। यदि इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है और आंखों की रोशनी प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।डॉ. मो. सफील्लाह ने बताया कि धुंधला दिखाई देना, चश्मे का नंबर बार-बार बदलना, रोशनी के आसपास चमक या धुंध दिखाई देना तथा रात के समय देखने में परेशानी होना मोतियाबिंद के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। कई बार लोग उम्र का असर मानकर इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।डायबिटीज मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरतडॉ. सफील्लाह ने कहा कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को आंखों की सेहत के प्रति विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से आंखों की जांच कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल मोतियाबिंद ही नहीं, बल्कि डायबिटीज से जुड़ी अन्य आंखों की समस्याओं का भी समय पर पता लगाना आवश्यक है।

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