मनोकामेश्वर शिव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजा शिवालय,,सुरक्षा व्यवस्था की पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था।
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
कुरसेला चौक स्थित मनोकामेश्वर शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए उत्साहपूर्वक मंदिर पहुंचने लगे। दिनभर मंदिर परिसर ओम नमः शिवाय और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा।भक्तों ने बेलपत्र, पुष्प, जल एवं दूध अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा पूजा-अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।वहीं कुरसेला परिक्षेत्र के श्रद्धालु त्रिमोहिनी संगम तट गंगा घाट से गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा करते हुए पैदल मंदिर पहुंचे और विधिवत शिवलिंग पर जल चढ़ाया। पूरे क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से महादेव के भजन एवं स्तुति गूंजते रहे, जिससे समूचा क्षेत्र शिवमय हो गया।इधर, कुरसेला क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इंदिरा ग्राम स्थित महंत स्थान शिव मंदिर में शिव लिंग स्थापित के श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। पूजा समिति के अध्यक्ष पंकज कुमार मंडल, पूर्व मुखिया लालबहादुर मंडल, जगन्नाथ मंडल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।मंदिर के पुजारी ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भोलेनाथ भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।वास्तव में, महाशिवरात्रि भगवान भोलेनाथ की भक्ति और साधना का महापर्व है। हर वर्ष इस अवसर पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और भक्तगण श्रद्धा-भक्ति के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
