April 29, 2026

अवैध आरामिल की भरमार से अनुज्ञप्तिधारी मिल पर प्रतिकूल असरवन एवं पर्यावरण संतुलन पर गंभीर खतरा ।

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रतन कुमार ओझा (मनिहारी)

जिले मे 89 अवैध आरामिल का हो रहा संचालन — रेंजर

मनिहारी वसुंधरा को हराभरा बनाये रखने एवं मानव जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण की रक्षा, अभिवृद्धि के लिए समय समय पर सामाजिक स्तर और सरकारी स्तर पर अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। आनेवाले दिनों मे भी वन एवं पर्यावरण की संतुलन को लेकर जीवन पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव के मद्देनजर इससे परिचित कराने को लेकर स्कूली पाठ्यक्रम मे भी वन ए्ंव पर्यावरण विषय शामिल हैं। विभिन्न मौके पर पौधों की पूजा अर्चना भी इसी प्रकृति, पर्यावरण के प्रति हमें सचेत करने का विधान अपनाया गया है।सरकारी प्रयास के माध्यम से लोगों को पेड़ लगाने को प्रेरित करने अनेक जन जागरूकता अभियान चलाये गये, “एक वृक्ष दस पुत्र समान “जैसे प्रेरक नारे गढ़े गये।हाल ही मे बीएमपी के जवानों द्वारा फायरिंग बड( क्षेत्र) मे हजारों वृक्षारोपण कर वसुंधरा को हराभरा बनाने तथा पर्यावरण संतुलन बनाने की दिशा मे सराहनीय प्रयास किये गये।लेकिन जिले मे बड़ी संख्या मे चल रही आरामिलों के संचालन से वन एवं पर्यावरण संतुलन के लिए चुनौती बन गयी है।इससे अनुज्ञप्तिधारी आरामिल संचालकों के सामने कारोबार बंद करने की नौबत आन पड़ी है।विभागीय अधिकारी भी अवैध आरामिल के संचालन को रोक पाने मे असहाय जान पड़ते हैं।अवैध आरामिल के संचालन पर रोक संबंधित कदम उठाये जाने पर जब रेंजर सत्येन्द्र झा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होने बताया कि जिले मे 89 अवैध आरामिल का संचालन हो रहा है।सबसे अधिक अवैध आरामिल जिला मुख्यालय के पास हाजीपुर मे होने की जानकारी दी ।जानकारी दी कि इस बावत वे अपने स्तर से अपने अधिकारी को अवगत करा चुके हैं।बावजूद अवैध आरामिल का संचालन बेरोकटोक जारी है।मनिहारी प्रखंड क्षेत्र के अनुज्ञप्तिधारी आरामिल संचालक कामता प्रसाद सिंह ने अनेक बार इस संबध मे वन प्रमंडल पदाधिकारी पूर्णियां ,अनुमंडल पदाधिकारी मनिहारी को लिखित शिकायत कर कार्वाई की मांग कर चुके हैं।परिणाम वही ढाक के तीन पात साबित हुए हैं।एसडीएम को दिये अपनी शिकायत मे उन्होंने बतलाया है कि मौजूदा समय मे अनुमंडल क्षेत्र के मनोहर पुर मे चार और अमदाबाद प्रखंड मे तीन अवैध आरामिल धरल्ले से वर्षों से चल रहे हैं। कहा है कि अवैध ढ़ंग से चल रहे आरामिल से जहां सरकार को राजस्व की हानी होती है, वहीं दूसरी ओर अनुज्ञप्तिधारी आरामिल संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव के कारण मिल बंदी के कगार पर है।उन्होने अवैध ढ़ंग से चल रहे बिना अनुज्ञप्तिधारी आरामिल की जांचकर बंद कराने की मांग की है।

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