सड़क किनारे कचरा जलाने से फैल रही है प्रदूषण , दुर्घटना होने की भी आशंका ।
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
नगर पंचायत कुरसेला क्षेत्र के एन एच 31 सड़क किनारे कचरा का ढेर के दोहे से बहुत बड़ी दुर्घटना को राहगीरों के लिए दस्तक दे रही है। नगर एवं आवास विभाग के द्वारा नगर पंचायत को स्वच्छ रखने के लिए लाखों की राशि निकासी एवं मुहैया कराई जाती है। परंतु परिणाम ढाक के तीन पात वाली है । वही नगर पंचायत कुर्सेला के द्वारा खुले में कचरा गिराकर रखा जा रहा है। हद तो तब हो गई जब प्रखंड एवं नगर क्षेत्र गांव में आग लगी की घटना हो चुकी है। फिर भी अधिकारियों के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है। नेशनल हाईवे 31 सड़क किनारे कचरे में हर रोज आग लगाकर जलने छोड़ दिया जाता है। उसके बाद कचरे की देर से भांडी मात्रा में धुआं निकलना शुरू हो जाता है।इसके धुएं के बीच से बड़े-बड़े ट्रक गैस के टैंकर ,तेल के टैंकलोरी वाहन , राहगीर आती जाती है । जिससे कोई भी अनहोनी की संभावना को इनकार नहीं किया जा सकता है । प्रबंधन के द्वारा जैसे तैसे कचरा निस्तारण से पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सड़क किनारे कुरसेला बाजार घुसने से पहले घैरु घाट के समीप एवं पूरब की ओर से गिट्टी प्लांट के समीप नगर पंचायत कुरसेला क्षेत्र से उठाए गए कचरा को खुले में डंप किया जा रहा है । परिणाम स्वरूप हल्की हवा के चलने के कारण भी जहां गंदा पन्नी एवं दूसरे तरह का कचरा उड़कर वाहन चालकों के चेहरा पर पड़ रहा है।वहीं इससे दो पहिया वाहन चालक एवं खुली बाँडी गाड़ी को चलाने वाले चालक तथा राहगीर खासे परेशान हो रहे हैं ।बाबजूद इसके प्रबंधन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा हैं। सड़क किनारे से उड़ने वाले कचड़ा से यात्रियों को होने वाली परेशानी के निदान को लेकर अब तक कोई प्रयास नहीं किया जा सका है। भाड़ी मात्रा में कचरा डंप होने के बाद प्रबंधन अपने सफाई कर्मी से आग लगवा देते हैं। पन्नी ,कपड़ा कच्चा एवं सुख पत्ता सहित दूसरे सामग्रियों में आग लगने से निकले धुएं से एन एच 31 पूरी तरह से ढक जाता है। वाहन चालकों को दोनों तरफ डेढ़ सौ मीटर तक गाड़ी को निकालने में भाड़ी परेशानी का सामना करना का पड़ता है। वही गिट्टी प्लांट के समीप अगर पछिया हवा का जोड़ रहा तो पूर्व दिशा की ओर हजारों की संख्या में मलिनिया के विस्थापित लोग उसके घर बनाकर रह रहे हैं । जिनके साथ अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता । वहीं घैरू घाट के समीप कचरे में लगी आग से पू हजारों की आबादी को नुकसान पहुंच सकता है। जिस पर ना तो नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई का कार्य करवाने वाला प्रबंधन संज्ञान ले रहा है और ना ही नगर पंचायत कुरसेला के जनप्रतिनिधि पहल कर रहे हैं। ऐसे में आम लोगों ने शासन व प्रशासन एवं वन विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पेड़ के नीचे आग लगाने वाले पर रोक लगाने का मांग भी किया है। ताकि इसका पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े। कचरे मे लगी आग के धुआ से हाट-बाजार तथा नगर पंचायत वासी को फैल रहे धुआ से दम फूलने की बीमारी बढने की संभावना है।
