गैर इरादतन हत्या के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दो सगे भाईयों सहित तीन आरोपियों को दी सजा
Reporting by एन सी वर्मा
सीतापुर ।अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या छह आबिद शमीम ने एक महिला से संबंधों को लेकर हुए विवाद के चलते एक व्यक्ति की मौत के मामले में परिवार के चार नामजद सदस्यों में से एक को दोषी करार दिया। अभियोजन कथानक के मुताबिक मानपुर थानाक्षेत्र के ग्राम न्यादपुर मझिगवां में एक व्यक्ति को लाठी डंडों से पीट कर घायल कर दिया गया था, इसके चलते उसकी मौत हो गई थी। गैर इरादतन हत्या के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दो सगे भाईयों सहित तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में मृतक के भाई मैंगू ने अपने ही गांव के महेश उसके भाई चंदू, पिता मेवालाल व चाचा रामखेलावन को नामजद किया था। 13 अक्तूबर 2011 की शाम घटित इस घटना में आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद आए अभियोजन साक्ष्य पर न्यायालय ने मेवालाल, रामखेलवान व चंदू को बरी कर दिया।लेकिन महेश को घटना का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे मामले में तंबौर थानाक्षेत्र के ग्राम अंधपुर में पैसे के लेनदेन को लेकर दो अप्रैल 2015 की रात संतराम व शंभू नाम के दो युवकों को उसी गांव के रहने वाले राममूर्ति व रामलखन रैदास ने घायल कर दिया था। जिसमें इलाज के दौरान संतराम की मौत हो गई थी।न्यायालय ने इस मामले में आए अभियोजन साक्ष्य के बाद दोनों सगे भाईयो राममूर्ति व रामलखन को घटना का दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों मामलों की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार द्वारा की गई।
