प्रधानाध्यापिका रेहाना खातून विद्यालय के छात्र-छात्राओं को अनुशासित करने के दिशा में सजग एवं सचेष्ट रहती हैं
प्रवीण कुमार(कटिहार)
आजमनगर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोसाईपुर में छात्र-छात्राएं अनुशासित रहकर पठन-पाठन करते हैं। प्रधानाध्यापिका रेहाना खातून के द्वारा विद्यालय के छात्र-छात्राओं को अनुशासित करने के दिशा में सजग एवं सचेष्ट रहती हैं। जिस कारण इस विद्यालय की चर्चा आसपास के क्षेत्र में होती है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं विद्यालय के छात्र-छात्राओं के प्रति समर्पण की भाव रखती हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वाह करती हैं। जिसके कारण छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में आते हैं और ध्यान लगाकर के पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापिका रेहाना खातून ने बताया कि विद्यालय में 307 छात्र-छात्राओं का नामांकन पंजी में दर्ज है। विद्यालय में शौचालय चार हैं।चापाकल दो हैं। विद्यालय सोलह डीसमल जमीन पर स्थित है। विद्यालय में छह कमरे हैं। प्रधानाध्यापिका रेहाना खातून ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए दिन-रात लगी रहती हैं। प्रधानाध्यापिका विद्यालय की पठन-पाठन को दुरुस्त करने के साथ-साथ सभी छात्र को अनुशासित रखने के दिशा में लगे रहती हैं। प्रधानाध्यापिका विद्यालय में छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति बने रहे।इसके लिए इन्होंने समय-समय पर गांव में जाकर बच्चों के अभिभावक से मिलते हैं।अभिभावक को जागरुक करते हुए अपने-अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की दिशा में चर्चा करते रहते हैं।जिसके कारण अभिभावक भी विद्यालय अपने-अपने बच्चों को स्कूल ड्रेस में स- समय नियमित भेजते हैं। विद्यालय के शिक्षक दिनेश प्रसाद सिंह, हसीना मुमताज,लाल बहादुर मंडल, रेहान परवीन, महेश कुमार पासवान,मो० सुफियान,लक्ष्मण कुमार,धीरज कुमार राय,जयमून निशा समय पर विद्यालय पहुंचकर छात्र छात्राओं को समय सारणी के अनुसार पठन-पाठन करते हैं। प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय में पर्याप्त फर्नीचर,अलमीरा,कुर्सी,टेबल आदि उपस्कर की व्यवस्था की है। विद्यालय में प्रधानमंत्री पोषण योजना नियमित रूप से मीनू के अनुसार छात्राओं को भोजन परोसा जाता है। प्रधानाध्यापिका रेहाना खातून ने कहा कि विद्यालय में बिजली वायरिंग करते हुए सभी कमरे में लाइट और पंखा की व्यवस्था की। कमरे में वाला पेंटिंग कराया।विद्यालय भवन का रंग रोगन कराया गया। रसोई घर का निर्माण कराने के साथ आधारभूत संरचना को अपडेट किया है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि अगर विद्यालय में विषय वार शिक्षक का धोर अभाव है।जिसके कारण छात्र- छात्राओं को विषय वार पठन-पाठन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अगर विभाग छात्रों के पठन पाठन के लिए कम से कम चार शिक्षकों की प्रति नियुक्ति कर दिया जाता, तो विषय वार पठन पाठन किया जा सकता है। अगर विद्यालय में आईसीटीसी कंप्यूटर लैब की व्यवस्था हो जाता,तो छात्र छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा देने में काफी सुविधा होता। विद्यालय परिसर में बच्चों को खेलने के लिए लोहे का विभिन्न प्रकार का झूला लगा दिया जाता, तो बच्चे नियमित रूप से खेल-खेल में व्यायाम का लाभ उठा सकता है। प्रधानाध्यापिका कहती हैं कि विद्यालय में खेल का मैदान की आवश्यकता है। विधालय में कम से कम चार कमरे की आवश्यकता है। विधालय का चाहार दिवारी ऊंचा करने के साथ पूरा करने की आवश्यकता है।गणित,विज्ञान, हिंदी,अंग्रेजी विषय की शिक्षकों की नियुक्ति होने से छात्र छात्राओं को विषय वार पठन-पठान हो जाता।
