July 22, 2026

जमाते इस्लामी हिंद ने मनाया अपना 75 वां स्थापना दिवस।

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उमर मुर्शीद (कटिहार)

सामाजिक और धार्मिक संस्था जमाते इस्लामी हिंद ने अपना 75 वां स्थापना दिवस मनाया ।रविवार को अररिया स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस पचहत्तर साल में किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।जमाते इस्लामी अररिया के पूर्व अमीर ए मोकामी शम्स आजम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा की जमाते इस्लामी के इस पचहत्तर साल के सफर में कई उतार चढाव देखे।काफी संघर्षों का सामना भी करना पड़ा।लेकिन जमात ने अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अपने मिशन पर काम करते रहे।शम्स आजम ने बताया की जमाते इस्लामी ने इस दरम्यान काफी अहम काम किए।उन्होंने कहा की अल्लाह ने इंसान को दुनिया में अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा है।इसलिए इंसान को अल्लाह का प्रतिनिधि बनकर काम करने की जरूरत है।अल्लाह के बताए मार्ग पर और उनके संदेशों को जन जन तक पहुंचने की जरूरत है।जमात का सबसे अहम काम दीन की दावत और लोगों की भलाई करना है।अल्लाह की किताब जो दुनिया के तमाम इंसानों के हिदायत और मार्गदर्शन के लिए नाजिल की गई।उसके संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना है।कुरान चूंकि अरबी भाषा में है जो सभी को समझ में नहीं आता है इसलिए उर्दू ,हिंदी और अन्य भाषाओं में इसका अनुवाद कर लोगों तक पहुंचाने का काम जमाते इस्लामी करती है।जात,नस्ल ,धर्म और तमाम तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर इंसानियत की रक्षा के लिए काम करती है।साथ ही हमेशा गरीब ,मजदूर ,बीमार ,बेबस ,अनाथ और लाचार लोगो के लिए काम करती है।खासकर आपदा के समय न केवल सहयोग बल्कि पीड़ित परिवार के पुनर्वास के लिए भी काम करती है।अपने पचहत्तर साल के सफर की चर्चा करते हुए अमीर ए मोकमी मु मकसूद आलम,अफरोज आलम फलाही और शहीद अनवर ने बताया की जमाते इस्लामी बीमारों के लिए रियायती अस्पताल ,दवाखाना और एंबुलेंस की भी व्यवस्था कर रखी है।इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में एस आई ओ और जी आई ओ के माध्यम से छात्र और छात्राओं को मदद करती है।जमात द्वारा ब्याज रहित ऋण देने की भी व्यवस्था है।मुख्य रूप से मानवता की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

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