जनपद में बहेगी ज्ञान की गंगा,आयोजित हो रहा श्रीराम कथा महोत्सव
Reporting by– वी के रस्तोगी / एन सी वर्मा, सीतापुर ।
जनपद की एक ऐतिहासिक तहसील और राजा टोडरमल की जन्मस्थली के रूप में विख्यात तहसील लहरपुर का बहुत ही पुराना इतिहास है,यहाँ एक सूरजकुंड तीर्थ स्थल भी है,जो एक सिद्ध स्थान है, तथा सनातन धर्म का प्रमुख तीर्थ केन्द्र भी है। महान सन्त व कालजयी कवि गोस्वामी तुलसीदास के यहां के सूरजकुंड तीर्थ स्थल पर आने के प्रमाण भी उपलब्ध हैं। इसी पावन धरा पर विगत कई वर्षों के प्रयास के पश्चात इस मिनी अवध नाम से विख्यात लहरपुर नगरी में ज्ञानगंगा बहाने के लिए विश्वप्रख्यात कथा वाचक परमपूज्य प्रेम भूषण जी महाराज की कथा का समय लहरपुर वाशियों को मिला है। और अधिक जानकारी देते हुए प्रख्यात स्तंभकार और स्वतंत्र लेखक विभूति पुरी ने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजक/यजमान विशाल कपूर जी हैं,वह काफी समय से इस पावन कथा यज्ञ के लिए प्रयासरत थे, परंतु कथावाचक के रूप मे महाराज जी का समय नहीं मिल पा रहा था, यह ईश्वरीय शक्ति की ही कृपा है कि लंबे इंतजार और प्रयास के उपरांत हमें उनका समय मिल गया है, यथाशीघ्र ही कथायज्ञ प्रारंभ होगा और इसके लिएतय कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह है कि दि. 24 नवम्बर से यह चालू होकर अपनी ज्ञान वर्षा करेगा,जिसमें प्रेममूर्ति संत महाराज जी के द्वारा प्रत्येक दिवस अपरान्ह 3 बजे से सायं 6 बजे तक लोगों को मानस की महिमा और सनातन संस्कृति तथा वेदों का ज्ञान,भगवान श्रीराम चरित्र, रामायण और सभी प्रमुख आदि ग्रंथों से ज्ञान गंगा का प्रवचन सुनाया जायेगा।यह कार्यक्रम भगवान श्रीराम को समर्पित रामलीला मैदान निकट तहसील लहरपुर में होगा और प्रेमी भक्त जनों के आग्रह पर इसे श्री राम कथा महोत्सव के रुप मे आयोजित किया जा रहा है।इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विधायक लहरपुर एवं चेयरमेन लहरपुर, एस डी एम लहरपुर तथा नगर के सभी गणमान्य व्यक्तियों का सहयोग तो प्राप्त हो ही रहा है, अपितु साधारण जन भी पूर्ण रूप से स्वयं को भगवान श्रीराम के कार्य हेतु समर्पित कर दिये हैं।उन्होंने सभी सुधी भक्तजनों और सनातन प्रेमियों और जनपद के सभी निवासियों को इस महोत्सव में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित भी किया।
