प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों का भारत बंद
आशीष कुमार
गया में दिखा व्यापक असर प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों का भारत बंद, इमामगंज में दिखा व्यापक असर इममागंज में नक्सली प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में भाकपा माओवादी ने भारत बंद का आह्वान किया है. जिसका व्यापक असर गया के इमामगंज में देखने को मिला. इमामगंज, कोठी, सलैया ,गुरिया मैगरा बाजार व बैंक,पोस्ट ऑफिस भी बंद दिखी। वहीं डुमरिया में भी दुकानें बंद रही.वहीं सड़कों पर गाड़ियों का आवागमन भी बंद रही.भारत बंद के बावजूद यात्री बस स्टैंड पहुंचे लेकिन बंदी के कारण एक भी बसें नहीं चली. बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा. गया के सड़कों पर छिटपुट बाइक व ऑटो देखने को मिली. ज्यादातर इलाकों में नक्सलियों के द्वारा भारत बंद के कारण लोग घरों से नहीं निकले.प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों का भारत बंद का दिखा व्यापक असर,बता दें कि नक्सली प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में भाकपा माओवादी संगठन ने शनिवार (20 नवंबर) को भारत बंद का अह्वान किया है.सूत्रों ने बताया के इससे पहले 15 से 19 नवंबर तक माओवादियों ने 5 दिनों तक प्रतिरोध दिवस मनाया. संगठन के बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश सीमांत रीजनल कमेटी भाकपा माओवादी ने मैगरा थाना क्षेत्र के कई जगहों पर पोस्टर भी चिपकाया है.पोस्टर में माओवादी नेता किसान द, प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी सहित छह लोगों को रिहा करने की मांग की है. वहीं गढ़चिरौली में 26 नक्सलियों के हुए नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने की बात लिखी है.और डुमरिया प्रखण्ड के मैगरा थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानो पर पर्चा गिरा कर चेताया। बतादें की बीते दिन नक्सलियों ने अपनी अदालत लगा कर डुमरिया प्रखंड के, मोनबार में सरयू सिंह भोक्ता के परिवार के 4 सदस्य को विश्वासघात का आरोप लगाते हुए फाँसी पर चढ़ा दिया था। जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। वहिं 23 नवम्बर से 25 नवंबर तक बंदी का आह्वान किया है। जहाँ आठवें चरण के लिए आगामी 24 नवम्बर को मतदान होना है। क्या जनता इस दहशत के माहौल में पोलिंग कर पाएंगे। जक एक पुलिस और जिला प्रशासन के लिए चुनावती बनी है। इस संबंध में इमामगंज एसडीपीओ अजित कुमार ने बताया के कड़ी सुरक्षा के बीच चुनाव संपन्न कराया जाएगा। और नक्सलियों की हर मंसूबे पर पानी फेरते हुए , शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव सम्पन्न कराने की पूरी कोशिश है।
