बाल श्रम पर विराम लगाने के अधिकारियों के साथ राहत संस्था के अधिकारियों ने किया बैठक
प्रवीण कुमार(कटिहार)
राहत संस्था कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रर्नस फाउंडेशन के संयुक्त प्रावधान में कटिहार के विभिन्न सेक्टर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राहत संस्था के सचिव डॉक्टर फरजाना बेगम, संस्था के परियोजना निदेशक मोहम्मद नेहाल अख्तर, जिला कोऑर्डिनेटर अरुण कुमार झा, रेलवे स्टेशन कोऑर्डिनेटर सुमित कुमार एवं राकेश कुमार ने आरपीएफ थाना के थाना अध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर राकेश कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी सुधीर कुमार, कटिहार रेलवे स्टेशन के स्टेशन मैनेजर श्री सिंहा, एवं चाईल्ड लाइन के साथ कोऑर्डिनेशन बैठक किया गया। कोऑर्डिनेशन बैठक को संबोधित करते हुए राहत संस्था के सचिव डॉक्टर फरजाना बेगम ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन कटिहार है। कटिहार रेलवे स्टेशन से 5 दिशा में प्रतिदिन दर्जनों ट्रेन का आवाजाही होता है। इस ट्रेन से अन्य जिला के अलावे अन्य प्रदेशों से बाल श्रमिक का पलायन कटिहार रेलवे स्टेशन होकर ही गुजरते हैं।इसलिए बाल श्रम एवं बाल तस्करी, बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए कटिहार जिले में यह संस्था शक्ति से कार्य कर रही है। डॉक्टर फरजाना बेगम ने कहा कि कटिहार जिला सहित सीमांचल क्षेत्र से बाल श्रम पर रोक लगाने, बाल तस्करी पर विराम लगाने के साथ-साथ बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए यह संस्थाकृत संकल्पित है। डॉक्टर फरजाना बेगम ने कहा कि कटिहार रेलवे स्टेशन पर संस्था के द्वारा आधा दर्जन कर्मचारी की तैनाती की गई है। जो रेलवे पुलिस एवं आरपीएफ की सहयोग से बाल श्रम एवं बाल तस्करी पर रोक लगाने पर कार्य करेगी। डॉक्टर फरजाना बेगम ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित में यह संस्था कार्य करती है। बच्चों के हित में प्रशासनिक पदाधिकारी से मिलकर कार्य को और गति देना है। बैठक को संबोधित करते हुए आरपीएफ थाना के पुलिस इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने कहा कि बाल श्रम एवं बाल तस्करी पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाया जाता है। इस अभियान में राहत संस्था से भी सहयोग लिया जाएगा और राहत संस्था के कर्मचारियों को सहयोग करने की बात कही। बैठक को संस्था के परियोजना निदेशक नेहाल अख्तर ने कहा कि कटिहार में बच्चों से संबंधित मामले अधिक आ रहा है। कटिहार रेलवे स्टेशन से विभिन्न ट्रेन से अररिया, किशनगंज, पूर्णिया जिले के अलावे पश्चिम बंगाल, असम, अगरतला, त्रिपुरा के बच्चे इसी कटिहार से गुजरने वाली ट्रेन से दिल्ली पंजाब या अन्य राज बाल श्रम करने के उद्देश्य से ले जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए राहत संस्था विराम लगाने के लिए कृत संकल्पित है।
