संविधान दिवस के मौके पर दो दिवसीय ग्राम सभा सरकार अधिवेशन आयोजित हुआ
एन सी वर्मा/वीके रस्तोगी सीतापुर।
संविधान दिवस के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त आईजी पुलिस एसआर दारापुरी ने कहा कि यदि देश के पहले प्रधानमंत्री डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर होते तो देश से पूंजीवाद और मनुवाद का खात्मा हो जाता। एसआर दारापुरी ने कहा कि देश संप्रदायिक ताकतों की गिरफ्त में नहीं होता। अधिवेशन के पहले दिन ग्रामसभा सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों ने शिक्षाविद् मस्त हफीज रहमानी को अमर शहीद मौलवी अहमद उल्ला शाह सम्मान से नवाजा। संविधान दिवस के मौके पर शुक्रवार को स्थानीय विकास भवन के सामने धरना स्थल पर दो दिवसीय ग्राम सभा सरकार अधिवेशन आयोजित किया गया। कानूनविद् सविता बाल्मीकि ने कहा कि डॉक्टर आम्बेडकर देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो भारत में अघोषित जमींदारी का पतन हो जाता और महिलाओं की देश में समान भागीदारी होती। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीआर गौतम ने की। इस अवसर पर विषय प्रवर्तन करते हुए उन्होंने कहा कि अंबेडकर नए भारत के जन्मदाता थे। समारोह में धन्यवाद व्यक्तव्य डॉक्टर बृज बिहारी ने दिया। इसके अलावा दलित चिंतक नेकपाल भारती को भी डाक्टर भीमराव आम्बेडकर सम्मान, कानूनविद् सविता वाल्मीकि को सावित्रीबाई फुले सम्मान, शिक्षाविद् रामकुमार को पेरियार सम्मान, गया प्रसाद को ज्योतिबाफुले सम्मान से सम्मानित किया गया। अवसर पर आयोजित सेमिनार में नेकपाल भारती ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री यदि डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर होते तो, आज देश समाजवाद के रास्ते पर होता। शिक्षाविद् रामकुमार ने कहा डॉक्टर अंबेडकर देश के मकान शिल्पी थे। उन्होंने कहा कि नए भारत के लिए डॉक्टर आम्बेडकर की विरासत को आगे बढ़ाना होगा। कार्यक्रम का संचालन विंदेश्वरी प्रसाद गौतम ने किया। इस अवसर पर नागेश गौतम, सुनीला रावत, अजीत वर्मा व मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार बंसल, रामकली कश्यप, शिव कुमार रावत, सर्वेश, संजय, नरेंद्र रावत, सुंदरलाल गौतम, रामविलास, बालकराम, राजकुमार, संतोष कुमार यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
