May 1, 2026

एसएसबी ने रक्सौल की भारत-नेपाल सीमा से 23 बच्चों को दलालों के चंगुल से कराया मुक्त।

Read Time:1 Minute, 37 Second

भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर पर एएचटीयू टीम इंचार्ज मनोज कुमार शर्मा ने अचानक नेपाल के 23 नाबालिग बच्चों को दो व्यक्तियों के साथ इमीग्रेशन कार्यालय के समीप में संदेह के आधार पर रोका। इसके बाद जब उनसे पूछताछ की गई तो यह बच्चे लेकर कहां जा रहे थे, तो पहले दोनों व्यक्तियों ने मना किया । फिर जब अधिकारी ने बताया कि मानव तस्करी रोधी इकाई एसएसबी है, तो दोनों व्यक्तियों ने बताया कि वह 23 बच्चों को बोधगया मोनेस्ट्री में शिक्षा के लिए ले जा रहे हैं । परंतु शक के घेरे में वह लोग तब आए जब उन्होंने कोई उचित कागजात नहीं दिखाए । ले जाने के पूर्व उनके द्वारा यह सूचना ना तो नेपाल सरकार को दी गई थी और ना ही भारत सरकार या बिहार सरकार को दी गई थी। भरे हुए फार्म में भी अनुमति के स्थान पर कुछ अभिभावकों के हस्ताक्षर नहीं थे । सभी बच्चे लगभग 4 साल से 7 वर्ष तक के हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बच्चों को मानव तस्करी के उद्देश्य से ले जा रहा था। बाद में बच्चों को नेपाल पुलिस के विशेष विभाग को सुपुर्द किया गया ।

Previous post दहेज दानवों से प्रताड़ित नवविवाहिता का फांसी के फंदे पर लटकता मिला लाश हत्या की आशंका ।
Next post रांची के होटवार जेल से बंद नक्सली नेता प्रशांत बोस को रिमांड पर लेगी सीआईडी इस मामले में करेगी पूछताछ ।
Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial