इंदिरा गांधी की 38 में पुण्यतिथि कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाई ।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 38वीं पुण्यतिथि पर देश आज उन्हें याद कर रहा है। इसी क्रम में बारसोई नगर पंचायत के रघुनाथपुर स्थित इंदिरा चौक में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के प्रतिमा पर कांग्रेस नेता नगीना प्रसाद यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण करते हुए 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी । इस श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी । इस दौरान कांग्रेसी नेता नगीना यादव ने इंदिरा गांधी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनमें गजब की राजनीतिक दूरदर्शिता थी महज 11 वर्ष की आयु में ही उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बच्चों की वानर सेना बनाई थी । बता दें कि भारत में कई सशक्त महिलाएं हुई जिन्होंने अपने अभूतपूर्व योगदान और कार्यों के जरिए सुनहरे अक्षरों में इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज कराया। जिनमें से राजनीतिक क्षेत्र से देश की एकलौती महिला प्रधानमंत्री रहे। जिनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान बतौर प्रधानमंत्री उनके दमदार फैसलों ने पूरे देश में क्रांति ला दी थी। जब उन्हें नेहरू की राजनीतिक विरासत सौंपी गई तो माना गया था कि वह एक कठपुतली बनकर रहेगी, लेकिन इंदिरा अपने फैसले लेने के लिए खुद सक्षम थी और उन्होंने यह साबित कर दिया था । इनके कार्यकाल में सबसे बड़ा और विवादास्पद फैसला आपातकाल रहा । 1971 में उनके खिलाफ जब चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा तो 1975 के लोकसभा चुनाव को रद्द कर दिया। इंदिरा पर 6 साल चुनाव नहीं लड़ने का बैन लगा दिया गया। मौके का फायदा उठाकर विपक्ष इंदिरा से इस्तीफा मांगा । लेकिन इंदिरा ने विपक्ष , कोर्ट और हालातों के विपरीत देश में आपातकाल की घोषणा कर दी। प्रेस की आजादी पर रोक लग गई। कई बड़े फेरबदल हुए । कांग्रेस में विभाजन हुआ । राजनीतिक सफर के दौरान उन्हें आज के दिन 38 साल पहले पीएम इंदिरा गांधी के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें गोलियों से भून डाला। ज्ञात हो कि पूरे भारत में पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी को आज के दिन पूरे सम्मान के साथ याद किए जाते हैं। बारसोई में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जिला परिषद प्रतिनिधि आफताब ताज, मो० कादिर, बबलू , प्रमोद चौहान, फैजान, अफरोज अली, सदानंद साह , प्रमोद साह, शिवकुमार यादव, लक्ष्मी साह, इंजीनियर परवेज आलम , मदन साह, जीशान अहमद सहित अन्य प्रमुख रूप से शामिल थे।
